जंग और घरेलू नाराजगी: दो मोर्चों पर घिरा अमेरिका
अमेरिका इस समय एक साथ दो बड़े संकटों का सामना कर रहा है। एक ओर पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर देश के भीतर सरकार की नीतियों के खिलाफ गुस्सा उबाल पर है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युद्ध में बढ़ती मौतें और घरेलू नीतियों का असर आम लोगों पर भारी पड़ रहा है। इसी वजह से “नो किंग्स” आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
मिनेसोटा बना विरोध का केंद्र, बड़े नाम भी जुड़े
इस बार आंदोलन का मुख्य केंद्र मिनेसोटा का सेंट पॉल शहर रहा, जहां सबसे बड़ी रैली आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में कई प्रसिद्ध हस्तियों ने भी हिस्सा लिया, जिनमें अभिनेता Robert De Niro, गायिका Joan Baez, अभिनेत्री Jane Fonda और सीनेटर Bernie Sanders शामिल रहे। कार्यक्रम में संगीत, भाषण और नारों के जरिए लोगों ने एकजुटता दिखाई और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। यह रैली आंदोलन के बढ़ते प्रभाव का संकेत मानी जा रही है।
किन मुद्दों पर भड़का गुस्सा? जनता ने साफ किया संदेश
प्रदर्शनकारियों की नाराजगी कई मुद्दों पर केंद्रित रही। सबसे बड़ा मुद्दा इमिग्रेशन नीति को लेकर था, जिसे लेकर लोगों में डर और असंतोष देखा गया। इसके अलावा ईरान के खिलाफ बढ़ते सैन्य कदमों, ट्रांसजेंडर अधिकारों में कटौती और अमीर वर्ग के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी लोगों ने विरोध जताया। वॉशिंगटन से लेकर न्यूयॉर्क और सैन डिएगो तक लोगों ने बैनर और नारों के जरिए अपना संदेश दिया कि वे डरकर घर बैठने वाले नहीं हैं। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या यह बढ़ता जनआंदोलन आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति की दिशा बदल सकता है।
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