संसद परिसर में उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई जब टीएमसी सांसद Derek O’Brien एलपीजी सिलेंडर की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। यह कदम आम विरोध से हटकर था, जिसने तुरंत ही सबका ध्यान खींच लिया। माना जा रहा है कि यह बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडर से जुड़े मुद्दों को उठाने का प्रतीकात्मक तरीका था। संसद के अंदर और बाहर इस अनोखे प्रदर्शन की चर्चा शुरू हो गई और विपक्ष ने इसे जनता के मुद्दों से जोड़कर सरकार पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव का तंज: ‘सिलेंडर बजाने की नौबत’
समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए सवाल-जवाब के अंदाज़ में सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा कि “एलपीजी सिलेंडर में कितनी गैस होती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सवाल युद्ध से पहले का है या बाद का।” आगे उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सिलेंडर नहीं मिला तो इस बार थाली की जगह सिलेंडर बजाना पड़ेगा। उनका यह बयान तेजी से वायरल हो रहा है और सियासी बहस को और गर्म कर रहा है।
गैस और पेट्रोल को लेकर विपक्ष का हमला
पिछले कुछ समय से विपक्ष लगातार एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों और उपलब्धता को लेकर सरकार को घेर रहा है। Akhilesh Yadav का कहना है कि अगर सरकार दावा कर रही है कि किसी चीज की कमी नहीं है, तो फिर लोगों को लंबी कतारों में क्यों खड़ा होना पड़ रहा है। विपक्ष इसे आम जनता की परेशानी से जोड़कर बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। वहीं, सरकार की ओर से बार-बार यह कहा जा रहा है कि आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है और हालात सामान्य हैं।
सियासत में प्रतीकों की बढ़ती भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि राजनीति में प्रतीकात्मक विरोध कितना असरदार हो सकता है। Derek O’Brien की टी-शर्ट और Akhilesh Yadav के बयान ने मिलकर एक ऐसा मुद्दा बना दिया है, जो अब सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मुद्दा कितना आगे बढ़ता है और क्या इसका असर आम जनता के बीच भी दिखाई देता है।
