रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। मॉस्को में एक बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़ी इस जंग का भविष्य पूरी तरह अनिश्चित है। पुतिन के मुताबिक, इस संघर्ष में शामिल देश भी यह नहीं समझ पा रहे कि हालात किस दिशा में जाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है और इसका असर आने वाले समय में और गहरा हो सकता है।
कोविड-19 जैसी तबाही का डर
पुतिन ने इस संकट की तुलना COVID-19 महामारी से करते हुए कहा कि जिस तरह कोरोना ने दुनिया की रफ्तार थाम दी थी, वैसा ही असर यह जंग भी डाल सकती है। उनके अनुसार, सप्लाई चेन, उत्पादन और लॉजिस्टिक्स पहले ही प्रभावित हो चुके हैं। खासतौर पर हाइड्रोकार्बन, धातु और उर्वरक जैसे सेक्टर भारी दबाव में हैं। उन्होंने चेताया कि अगर हालात नहीं सुधरे तो कई देशों की आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ सकती है और वैश्विक बाजार अस्थिर हो सकते हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी तेल की कीमतें
इस बीच United States और Iran के बीच शांति की उम्मीदें कमजोर होती नजर आ रही हैं। इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर देखने को मिला है, जहां तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट दोनों के दाम में लगभग 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो ऊर्जा संकट और महंगाई की समस्या कई देशों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
ट्रंप की चेतावनी और सैन्य तैयारी तेज
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने समझौते को स्वीकार नहीं किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने युद्धविराम के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव रखा है, जबकि ईरान ने अपनी शर्तें सामने रखी हैं। इसी बीच, अमेरिकी सेना क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की तैयारी कर रही है, जिसमें एयरबोर्न यूनिट और मरीन फोर्स शामिल हैं। बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने इस पूरे संकट को और संवेदनशील बना दिया है।
