Homeदेशमार्च में दिल्ली-एनसीआर में बेमौसम बारिश, सोशल मीडिया पर फैल रहे बिल...

मार्च में दिल्ली-एनसीआर में बेमौसम बारिश, सोशल मीडिया पर फैल रहे बिल गेट्स कनेक्शन के दावे! जानें सच्चाई

मार्च में दिल्ली-एनसीआर में हुई अचानक बारिश ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी। क्या इसे बिल गेट्स के सोलर जियोइंजीनियरिंग प्रयोगों से जोड़ा जा सकता है?

-

मार्च में दिल्ली-एनसीआर में हुई बेमौसम बारिश ने जहां तपती गर्मी से लोगों को राहत दी, वहीं सोशल मीडिया पर इसके कारणों को लेकर तरह-तरह के दावे फैल गए। कई लोग इसे जलवायु परिवर्तन या मौसम परिवर्तन से जोड़ रहे थे, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे बिल गेट्स के कथित सोलर जियोइंजीनियरिंग प्रयोगों से जोड़ दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल ये दावे देखते ही देखते हजारों लोगों तक पहुंच गए और लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने इन दावों को पूरी तरह गलत करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की यह बारिश पूरी तरह प्राकृतिक कारणों से हुई है।

सोलर जियोइंजीनियरिंग क्या है?

सोलर जियोइंजीनियरिंग, जिसे सोलर रेडिएशन मैनेजमेंट भी कहा जाता है, एक वैज्ञानिक रिसर्च है। इसका उद्देश्य सूरज की कुछ ऊर्जा को अंतरिक्ष में वापस भेजकर पृथ्वी का तापमान नियंत्रित करना है।

वैज्ञानिकों ने इसके लिए स्ट्रैटोस्फेरिक एरोसोल इंजेक्शन और मरीन क्लाउड ब्राइटनिंग जैसे कई तरीके प्रस्तावित किए हैं। ये तकनीकें अभी केवल प्रयोगात्मक स्तर पर हैं और किसी भी देश में बड़े पैमाने पर लागू नहीं की गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका दिल्ली जैसी शहरों में मौसम बदलने से कोई संबंध नहीं है।

साथ ही इस तकनीक को नियंत्रित करने के लिए वैश्विक नियम नहीं हैं और अगर अचानक इसे बंद किया गया तो तापमान में तेज बदलाव हो सकता है, जिसे वैज्ञानिक “टर्मिनेशन शॉक” कहते हैं।

विशेषज्ञों का कहना: यह पूरी तरह प्राकृतिक है

मौसम विभाग और विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश का मुख्य कारण एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस था, जिसने उत्तर भारत में बारिश और ठंडी हवाएं भेजीं। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हुई बर्फबारी के बाद ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंची, जिससे तापमान में गिरावट हुई और बारिश शुरू हुई।

तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और बारिश इसी मौसम प्रणाली का हिस्सा हैं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की यह बारिश किसी मानव-निर्मित या क्लाइमेट एक्सपेरिमेंट का परिणाम नहीं है।

अस्थिर मौसम में सावधानी जरूरी

इस अचानक मौसम परिवर्तन ने जनजीवन प्रभावित किया और कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं की चेतावनी दी।

विशेषज्ञों का कहना है कि बेमौसम बारिश जैसी घटनाओं में सोशल मीडिया पर अफवाहों पर भरोसा न करें। वैज्ञानिक आधार और प्रमाणों के बिना किसी भी दावे को सच मानना जोखिम भरा हो सकता है।

दिल्ली की मार्च बारिश पूरी तरह प्राकृतिक है, और इसे किसी मानव-निर्मित हस्तक्षेप से जोड़ने वाले दावे सिर्फ भ्रम फैलाने वाले हैं।

Read more- ‘सिर्फ 11 विधायक दे दो मुसलमान को मरने वालों का…’ ये क्या बोल गए AIMIM अध्यक्ष हाजी शौकत अली?

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts