बेंगलुरु, जो अपनी आईटी संस्कृति और अनुशासित जीवनशैली के लिए जाना जाता है, वहां की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘नम्मा मेट्रो’ में हाल ही में एक ऐसी घटना घटी जिसने सबको हैरान कर दिया। रोजाना की तरह सैकड़ों यात्री अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे, तभी 11 लड़कियों के एक समूह ने मेट्रो कोच के भीतर अचानक शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह शोर ऊंची आवाजों में गाना गाने और चिल्लाने में बदल गया। मेट्रो की शांत बोगी में इन लड़कियों का हुड़दंग इतना बढ़ गया कि बाकी यात्रियों के लिए वहां बैठना भी दूभर हो गया। शुरुआत में यात्रियों ने इसे नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन जब लड़कियों की हरकतें अभद्र होने लगीं और वे कोच के बीच में खड़े होकर नाचने-गाने और चिल्लाने लगीं, तो पूरे कोच में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
शांति की अपील पर भड़कीं युवतियां
मेट्रो के नियमों के अनुसार, कोच के भीतर किसी भी यात्री को ऐसी गतिविधि करने की अनुमति नहीं है जिससे दूसरों को असुविधा हो। जब शोर बर्दाश्त से बाहर हो गया, तो कुछ वरिष्ठ नागरिकों और सह-यात्रियों ने लड़कियों से शालीनता बनाए रखने का अनुरोध किया। लेकिन शांत होने के बजाय, उन 11 लड़कियों ने उन यात्रियों पर ही चिल्लाना शुरू कर दिया। उन्होंने न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि टोकने वाले लोगों के साथ तीखी बहस और बदतमीजी भी की। चश्मदीदों के मुताबिक, लड़कियां किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं थीं और उन्होंने मेट्रो के माहौल को किसी मछली बाजार जैसा बना दिया था। यात्रियों ने तुरंत इस उपद्रव की जानकारी मेट्रो के इमरजेंसी अलार्म और सुरक्षा कंट्रोल रूम को दी।
पुलिस की हुई ‘धाकड़’ एंट्री
जैसे ही मामले की गंभीरता का पता चला, मेट्रो प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को अलर्ट कर दिया। अगले मुख्य स्टेशन पर जैसे ही मेट्रो के दरवाजे खुले, पुलिस की एक पूरी टीम और सुरक्षाकर्मी कोच के बाहर तैनात थे। पुलिस को देखते ही, जो लड़कियां कुछ देर पहले तक दहाड़ रही थीं और यात्रियों को चुनौती दे रही थीं, उनके चेहरे का रंग उड़ गया। पुलिस ने बिना देरी किए हंगामे में शामिल सभी 11 महिला यात्रियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का उत्पात मचाना और यात्रियों की शांति भंग करना कानूनन अपराध है। लड़कियों को स्टेशन मास्टर के कक्ष में ले जाया गया, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की वहां मौजूद अन्य यात्रियों ने सराहना की।
मेट्रो प्रशासन ने दी कड़ी चेतावनी
यह कोई पहली बार नहीं है जब मेट्रो के भीतर इस तरह का तमाशा देखने को मिला हो। अक्सर सोशल मीडिया पर ‘रील’ बनाने या वायरल होने के चक्कर में लोग सार्वजनिक मर्यादा भूल जाते हैं। बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) ने इस घटना के बाद एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो के अंदर तेज आवाज में संगीत बजाना, चिल्लाना या किसी भी तरह का न्यूसेंस फैलाना आपको जेल की हवा खिला सकता है। इन लड़कियों के खिलाफ सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance) की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए है, न कि किसी के व्यक्तिगत मनोरंजन या हुड़दंग के लिए।
