मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव से प्यार और मजहब की दीवारें टूटने की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। यह मामला केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों के चार सदस्यों के बीच पनपे सात साल पुराने प्रेम का है। नौगांव की रहने वाली दो चचेरी बहनें, अलीना और शलीना, लंबे समय से दो हिंदू युवकों के प्यार में थीं। दिलचस्प बात यह है कि जिनसे वे प्यार करती थीं, वे युवक भी आपस में चचेरे भाई हैं। दोनों बहनों ने अपने प्यार को मुकम्मल करने के लिए तब तक इंतजार किया जब तक कि वे कानूनी रूप से बालिग नहीं हो गईं। जैसे ही उम्र का पड़ाव पार हुआ, उन्होंने दुनिया की परवाह किए बिना अपने घरों को छोड़ दिया और अपने जीवनसाथियों के साथ एक नई राह पर निकल पड़ीं।
लापता होने से थाने घेराव तक का ड्रामा: सोशल मीडिया पर वीडियो देख उड़े सबके होश
इस कहानी की शुरुआत 9 फरवरी 2026 को हुई, जब दोनों बहनें अचानक अपने घर से लापता हो गई थीं। परिजनों ने जब उन्हें आसपास नहीं पाया, तो अनहोनी की आशंका में नौगांव थाने पहुँचकर अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। मामला संवेदनशील होने के कारण मुस्लिम समाज के लोगों ने भी थाने का घेराव कर पुलिस पर जल्द तलाश का दबाव बनाया। पुलिस अभी उनकी तलाश में जुटी ही थी कि सोशल मीडिया पर इन युवतियों का एक वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में दोनों ने साफ कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से घर छोड़ा है और वे सुरक्षित हैं। इस वीडियो ने न केवल पुलिस की जांच को नई दिशा दी, बल्कि परिजनों और समाज के बीच भी सनसनी फैला दी। आखिरकार 20 फरवरी को अपनी शादी संपन्न करने के बाद, दोनों जोड़े खुद पुलिस के सामने हाजिर हुए।
हिंदू रीति-रिवाज से विवाह और धर्म परिवर्तन
नौगांव थाने पहुँचे दोनों जोड़ों ने पुलिस को जो बयान दिए, वे हैरान करने वाले थे। युवतियों ने बताया कि उन्होंने स्वेच्छा से हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया है और आर्य समाज मंदिर में पूरी विधि-विधान और हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अपने प्रेमियों से विवाह कर लिया है। धर्म बदलने के साथ ही उन्होंने अपने पुराने नामों का त्याग कर नए नाम भी रख लिए हैं। पुलिस को सौंपे गए दस्तावेजों में उन्होंने अपनी उम्र के प्रमाण पत्र और विवाह के सर्टिफिकेट भी शामिल किए हैं। युवतियों का कहना है कि वे अब पूरी तरह से हिंदू धर्म की मान्यताओं का पालन कर रही हैं और अपने पतियों के साथ सुखद जीवन बिताना चाहती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर किसी बाहरी व्यक्ति या संस्था का कोई दबाव नहीं है और यह फैसला पूरी तरह उनका अपना है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के सवाल: क्या कहता है कानून?
नौगांव थाना प्रभारी (टीआई) बाल्मीक चौबे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों जोड़ों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस फिलहाल उनके द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों, विशेष रूप से उनकी जन्म तिथि और विवाह के कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में दोनों युवतियों के बालिग होने की पुष्टि हुई है, जिसका मतलब है कि कानूनन वे अपने जीवन का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सुरक्षा के पहलुओं पर भी नजर रख रही है। टीआई ने कहा कि यदि जांच में सभी दस्तावेज सही पाए जाते हैं, तो जोड़ों को उनकी मर्जी के अनुसार रहने की पूरी आजादी दी जाएगी। फिलहाल, यह मामला पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे सात साल के प्यार ने मजहब और समाज की बंदिशों को पीछे छोड़ दिया।
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