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ईरान-सऊदी तनाव के बीच पाकिस्तान की मुश्किल! ‘बेस्ट फ्रेंड’ होने के बावजूद मदद क्यों नहीं कर पा रहा इस्लामाबाद, अचानक बुलाए गए शहबाज शरीफ

ईरान-सऊदी तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्य पूर्व के हालात पर चर्चा हुई।

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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब का दौरा किया और वहां क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री इशाक डार भी मौजूद रहे। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ चुका है।

सूत्रों के अनुसार इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, मध्य पूर्व के मौजूदा हालात और सऊदी अरब की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) ने इस दौरान सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की दोस्ती को मजबूत बताते हुए कहा कि पाकिस्तान हमेशा सऊदी अरब के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने सऊदी नेतृत्व द्वारा पाकिस्तान को दिए जा रहे आर्थिक और राजनीतिक समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया।

ईरानी हमलों के बाद बढ़ी चिंता

हाल ही में खबरें सामने आई थीं कि ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। इसी पृष्ठभूमि में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने 7 मार्च को सऊदी अरब का दौरा किया और वहां के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान से मुलाकात की थी।

बताया जा रहा है कि उस बैठक में सऊदी अरब ने पाकिस्तान से सुरक्षा सहयोग को लेकर चर्चा की थी। दोनों देशों के बीच पहले से ही एक रक्षा समझौता मौजूद है, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला होने की स्थिति में दोनों देश एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं। यही वजह है कि मौजूदा हालात में पाकिस्तान की भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

पाकिस्तान क्यों फंसा है मुश्किल स्थिति में

हालांकि सऊदी अरब और पाकिस्तान लंबे समय से करीबी सहयोगी माने जाते हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में पाकिस्तान के लिए फैसला लेना आसान नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि पाकिस्तान के लिए सऊदी अरब और ईरान दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।

एक तरफ सऊदी अरब पाकिस्तान को आर्थिक मदद और निवेश देता है, जबकि दूसरी तरफ ईरान पाकिस्तान का पड़ोसी देश है और दोनों देशों के बीच व्यापार और सीमाई संबंध भी हैं। ऐसे में पाकिस्तान खुलकर किसी एक पक्ष का समर्थन करता है तो उसके दूसरे रिश्तों पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि पाकिस्तान फिलहाल संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर चर्चा

सऊदी अरब में हुई इस बैठक के दौरान दोनों देशों के नेताओं ने मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की बात कही। शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा सऊदी अरब के साथ खड़ा रहेगा और क्षेत्र में शांति कायम रखने के लिए सहयोग करता रहेगा। पाकिस्तान की यह कूटनीतिक सक्रियता यह दिखाती है कि वह इस संवेदनशील स्थिति में सावधानी से कदम उठा रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान किस तरह अपनी रणनीति तय करता है और क्षेत्रीय राजनीति में उसकी भूमिका क्या रहती है।

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