Homeउत्तर प्रदेश112 साल की अम्मा कलेक्ट्रेट पहुंचीं, बोलीं– पेंशन दिला दो… डीएम ने...

112 साल की अम्मा कलेक्ट्रेट पहुंचीं, बोलीं– पेंशन दिला दो… डीएम ने तुरंत दिया ये आदेश

मथुरा में 112 साल की बुजुर्ग महिला की पेंशन की फरियाद सुनकर डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए।

-

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने प्रशासन की संवेदनशीलता और इंसानियत की मिसाल पेश कर दी। यहां 112 साल की एक बुजुर्ग महिला अपनी वृद्धावस्था पेंशन की समस्या लेकर जिला मुख्यालय पहुंच गईं। इतनी अधिक उम्र होने के बावजूद वह उम्मीद के साथ अधिकारियों से मिलने आई थीं। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला अपने परिजनों के सहारे कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी। उन्होंने बताया कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें आर्थिक मदद की बेहद जरूरत है, लेकिन किसी कारण से उन्हें सरकारी पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। जब उनकी बात जिलाधिकारी Chandra Prakash Singh तक पहुंची, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। वहां मौजूद लोगों के अनुसार, बुजुर्ग महिला की भावुक अपील ने माहौल को काफी भावुक बना दिया और हर कोई उनकी मदद के लिए आगे आता नजर आया।

डीएम ने तुरंत दिए कार्रवाई के निर्देश

बुजुर्ग महिला की स्थिति देखकर जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को बुलाया और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने जिला समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिया कि महिला की वृद्धावस्था पेंशन से जुड़ी सभी औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों की मदद करना है और इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि तीन दिन के भीतर आवश्यक जांच और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कर बुजुर्ग महिला की पेंशन शुरू कराई जाए। डीएम ने यह भी कहा कि अगर कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित रह जाता है तो यह प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि उसकी समस्या को जल्द से जल्द दूर किया जाए। उनके इस फैसले के बाद वहां मौजूद लोगों ने प्रशासन के इस मानवीय रवैये की सराहना की।

वृद्धावस्था पेंशन योजना से मिलती है आर्थिक मदद

दरअसल, सरकार की ओर से बुजुर्गों को आर्थिक सहायता देने के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना चलाई जाती है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने एक निश्चित राशि दी जाती है, ताकि उन्हें जीवनयापन में कुछ राहत मिल सके। खासकर ग्रामीण और गरीब परिवारों के बुजुर्गों के लिए यह योजना काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। कई बार जानकारी की कमी या दस्तावेजों की समस्या के कारण पात्र लोग भी इस योजना का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़े। मथुरा की इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि अगर अधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें तो सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक आसानी से पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं बुजुर्गों के सम्मानजनक जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं।

डीएम के फैसले की हर तरफ हो रही सराहना

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जिलाधिकारी के इस फैसले की काफी सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन का यह कदम यह साबित करता है कि अगर अधिकारी संवेदनशीलता से काम करें तो कई समस्याओं का समाधान तुरंत हो सकता है। बुजुर्ग महिला की मदद के लिए तुरंत आदेश देने से यह संदेश भी गया है कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहा है। कई लोगों ने इसे प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने वाला कदम बताया। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही बुजुर्ग महिला को पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक सहारा मिलेगा और उनका जीवन थोड़ा आसान हो सकेगा। इस घटना ने यह भी याद दिलाया है कि समाज में बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

Read more-देशभर में LPG की किल्लत, इधर UP में गायब हो गए 524 गैस सिलेंडर, हाईवे पर खाली खड़ा मिला ट्रक

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts