हरदोई के कैनाल रोड स्थित सनबीम स्कूल का मामला इन दिनों पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि 24 अप्रैल को एक महिला अभिभावक नीलम वर्मा स्कूल पहुंचीं, जहां उन्होंने फीस जमा करने के लिए कुछ समय और कॉपी-किताबों के दबाव को लेकर बात की। इसी दौरान स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा और अभिभावक के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान प्रिंसिपल ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और ‘शटअप’ जैसे शब्द कहे। किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। मामला बढ़ने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी।
प्रशासन की एंट्री, मुकदमे और मान्यता पर संकट
वीडियो वायरल होने के बाद 27 अप्रैल को बेसिक शिक्षा विभाग की टीम पुलिस और साइबर सेल के साथ स्कूल पहुंची। अधिकारियों ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और कई जरूरी दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड भी अपने साथ ले लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्कूल में फीस, किताबों और अभिभावकों के साथ व्यवहार से जुड़े कई बिंदुओं की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। साथ ही यदि आरोप सही पाए गए तो स्कूल की मान्यता पर भी बड़ा खतरा मंडरा सकता है। प्रशासन ने साफ कहा है कि शिक्षा के नाम पर किसी तरह का दबाव या अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के बीच प्रिंसिपल ने मांगी माफी
घटना के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी स्कूल पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सवाल उठाए और फीस व्यवस्था की जांच की मांग की। नारेबाजी और विरोध के बीच स्कूल प्रशासन पर दबाव बढ़ता गया। इसी दौरान प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह बात नहीं करनी चाहिए थी और यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें खेद है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उस समय स्कूल में तनावपूर्ण स्थिति थी, जिससे उनका व्यवहार कठोर हो गया। लेकिन लोगों का कहना है कि बच्चों और अभिभावकों से जुड़े संस्थान में संयमित व्यवहार जरूरी है।
निजी स्कूलों की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने हरदोई ही नहीं बल्कि प्रदेश के अन्य जिलों में भी निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर बहस छेड़ दी है। कई अभिभावकों का आरोप है कि कुछ स्कूल तय दुकानों से महंगी किताबें, कॉपियां और ड्रेस खरीदने का दबाव बनाते हैं। वहीं फीस जमा करने में थोड़ी देरी होने पर बच्चों को परेशान किया जाता है। प्रशासन अब जिले के अन्य निजी स्कूलों की भी निगरानी करने की तैयारी में है। फिलहाल सनबीम स्कूल की प्रिंसिपल के स्कूल आने पर रोक लगा दी गई है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अगर रिपोर्ट में गंभीर गड़बड़ियां सामने आती हैं तो स्कूल पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। हरदोई का यह मामला अब शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही की बड़ी मिसाल बन सकता है।
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