Israel-Iran War: मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में हो गई। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह तेहरान में बड़े स्तर पर एयर स्ट्राइक की गई, जिसमें कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरान की स्थानीय मीडिया और सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि खामेनेई उस समय अपने घर में बने निजी कार्यालय में मौजूद थे। अचानक हुए मिसाइल हमले में उनका परिसर पूरी तरह तबाह हो गया। इसी हमले में उनकी मौत की पुष्टि की जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी देर रात बयान जारी कर मिशन की सफलता का दावा किया था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, लेकिन ईरान के भीतर हालात बेहद तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं।
घर के ऑफिस पर सीधा निशाना
रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला बेहद सटीक जानकारी के आधार पर किया गया था। बताया जा रहा है कि खामेनेई का घर और उसमें बना निजी कार्यालय तेहरान के सुरक्षित इलाके में था, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते थे। फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में दावा किया गया कि हमले से ठीक पहले तक खामेनेई अपने कार्यालय में काम कर रहे थे और उन्हें किसी बड़े हमले की भनक नहीं थी। कहा जा रहा है कि संयुक्त ऑपरेशन के तहत मिसाइल सीधे उस परिसर पर गिरी, जिससे कुछ ही पलों में इमारत मलबे में बदल गई। हमले में उनकी बेटी, दामाद और पोती के भी मारे जाने की खबर है। हालांकि इन जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन तेहरान में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। हमले के बाद शहर में सन्नाटा और दहशत का माहौल बताया जा रहा है।
सरकार का ऐलान, देशभर में मातम
खामेनेई की मौत की खबर के बाद ईरान की कैबिनेट ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। सरकारी इमारतों पर झंडे झुका दिए गए हैं और धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं। देशभर में सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। खामेनेई पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे और देश की राजनीति, सेना और विदेश नीति पर उनका गहरा प्रभाव था। ऐसे में उनके निधन को एक बड़े राजनीतिक दौर के अंत के रूप में देखा जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान की सत्ता कौन संभालेगा। संविधान के अनुसार नए सुप्रीम लीडर का चयन एक विशेष धार्मिक परिषद द्वारा किया जाएगा, लेकिन इस प्रक्रिया में समय लग सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव ईरान की आंतरिक और बाहरी नीतियों को प्रभावित कर सकता है।
IRGC का बयान और बदले की चेतावनी
ईरानी सेना की प्रमुख इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खामेनेई की मौत पर गहरा शोक जताया है। अपने बयान में संगठन ने कहा कि देश ने एक महान और दूरदर्शी नेता को खो दिया है। बयान में यह भी कहा गया कि उनकी शहादत देश को और मजबूत बनाएगी और इस हमले का जवाब दिया जाएगा। IRGC ने संकेत दिया कि आने वाले समय में क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद मध्य-पूर्व में हालात और बिगड़ सकते हैं। तेल बाजार, वैश्विक राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हैं, जहां हर घंटे नई जानकारी सामने आ रही है और हालात तेजी से बदल रहे हैं।
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