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नारों से कुछ नहीं होगा… गौ रक्षा को लेकर बाबा रामदेव ने दिया बड़ा बयान, बोले ‘संतों-शंकराचार्यों को लेनी होगी गौरक्षा की…’

बाबा रामदेव ने गोरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ नारे लगाने से कुछ नहीं होगा। संतों और शंकराचार्यों को जिम्मेदारी लेनी होगी। गोवा, पतंजलि और स्वास्थ्य पर भी बोले रामदेव। पढ़ें पूरी खबर

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योग गुरु बाबा रामदेव ने गोरक्षा को लेकर साफ शब्दों में कहा है कि केवल नारे लगाने से गायों की रक्षा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब इस मुद्दे पर ठोस काम किया जाए। गोवा के पणजी में एक योग कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा कि गोरक्षा को सिर्फ भाषण, सम्मेलन और प्रदर्शन तक सीमित कर दिया गया है, जबकि जरूरत जमीन पर काम करने की है। उन्होंने यह भी कहा कि गायों के नाम पर हिंसा और आपसी झगड़ों से समस्या और बढ़ती है। रामदेव के मुताबिक, अगर सच में गोरक्षा करनी है तो ईमानदारी, सेवा भावना और लंबे समय की जिम्मेदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह काम दिखावे से नहीं, बल्कि नियमित प्रयास से ही संभव है।

संतों और शंकराचार्यों से बड़ी अपील

बाबा रामदेव ने इस दौरान संत समाज और शंकराचार्यों को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गोरक्षा की जिम्मेदारी केवल सरकार या किसी एक संगठन पर नहीं छोड़ी जानी चाहिए। हर शंकराचार्य और बड़े संत को आगे आकर गायों की देखभाल का दायित्व लेना चाहिए। रामदेव ने बताया कि पतंजलि आज देशभर में करीब एक लाख गायों की देखभाल कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर एक संस्था यह कर सकती है, तो बाकी धार्मिक संस्थाएं क्यों नहीं। बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने से गोरक्षा नहीं होगी। उनके अनुसार, समाधान आरोप लगाने में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि भारत स्वास्थ्य और सनातन ज्ञान के क्षेत्र में दुनिया में आगे बढ़े, और गोरक्षा भी उसी सोच का हिस्सा है।

गोवा को लेकर बाबा रामदेव की नई सोच

गोरक्षा के अलावा बाबा रामदेव ने गोवा को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गोवा को केवल मौज-मस्ती और घूमने की जगह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका मानना है कि गोवा को स्वास्थ्य, योग और आध्यात्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाया जा सकता है। बाबा रामदेव ने कहा कि आत्म-उपचार से लेकर आत्म-साक्षात्कार तक के लिए लोग गोवा आ सकते हैं। उन्होंने गोवा को प्राकृतिक रूप से सुंदर और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध स्थान बताया। इसी दिशा में एक बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से गोवा में पतंजलि का सबसे बड़ा वेलनेस सेंटर बनाया जाएगा। इस केंद्र में योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के जरिए लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

पतंजलि अस्पताल और भविष्य की योजना

इस बीच पतंजलि से जुड़ी एक और बड़ी पहल भी चर्चा में रही। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘पतंजलि इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल’ का उद्घाटन किया। यह अस्पताल हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ द्वारा संचालित किया जा रहा है। यहां योग, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा को एक साथ जोड़ा गया है। अमित शाह ने अस्पताल का दौरा किया और इसे दुनिया का पहला ऐसा हाइब्रिड अस्पताल बताया, जहां इलाज के कई तरीकों को एक साथ अपनाया गया है। उन्होंने योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण से भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की। बाबा रामदेव का कहना है कि ऐसे प्रयासों से भारत को स्वास्थ्य और अध्यात्म के क्षेत्र में वैश्विक पहचान मिलेगी। उन्होंने दोहराया कि जब तक समाज, संत और संस्थाएं मिलकर जिम्मेदारी नहीं लेंगी, तब तक न गोरक्षा पूरी तरह सफल होगी और न ही देश अपने बड़े लक्ष्यों को हासिल कर पाएगा।

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