उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक ऐसी तस्वीर और कहानी सामने आई है, जिसने लोगों का दिल छू लिया है। यहां एक परिवार में पूरे 40 साल बाद बेटी का जन्म हुआ और इस खुशी को उन्होंने बेहद खास अंदाज में मनाया। जैसे ही नवजात बच्ची को अस्पताल से घर लाया गया, परिवार ने डीजे और 13 स्कॉर्पियो गाड़ियों के काफिले के साथ उसका स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते लोग सड़कों पर निकल पड़े। यह नजारा देखने के लिए आसपास के लोग भी अपने घरों से बाहर आ गए। Hamirpur Viral Video अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस परिवार की सोच और खुशी की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि बेटी का जन्म उनके लिए किसी सपने के पूरे होने जैसा है, जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
डीजे, स्कॉर्पियो और खुशियों का काफिला, वीडियो हुआ वायरल
परिवार ने बच्ची को घर लाने के लिए पूरे 13 स्कॉर्पियो SUV की व्यवस्था की थी। आगे-आगे डीजे की गाड़ी चल रही थी और पीछे काफिले में रिश्तेदार और दोस्त मौजूद थे। इस अनोखे स्वागत का वीडियो किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद Hamirpur Viral Video हर प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह लोग बेटी के जन्म पर नाच रहे हैं और एक-दूसरे को मिठाई खिला रहे हैं। राह चलते लोग भी इस काफिले को देखकर रुक गए और कई लोगों ने इस पल को अपने कैमरे में कैद किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार बेटी के जन्म पर इतना बड़ा सार्वजनिक जश्न देखा है। यह सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए एक यादगार पल बन गया।
कौन हैं बिटिया के माता-पिता
बताया जा रहा है कि नवजात बच्ची के पिता अंजुम परवेज हैं, जिन्हें लोग राजू के नाम से भी जानते हैं। वह मौदहा कस्बे के मोहल्ला फतेहपुर में रहते हैं। उनके पिता भारतीय सेना से रिटायर्ड अधिकारी हैं और राजू खुद घर पर आटा चक्की का काम करते हैं। उनकी पत्नी निखत फातिमा ने इस बेटी को जन्म दिया है। राजू चार भाइयों में सबसे बड़े हैं और उनके परिवार में अब तक कोई बहन नहीं थी। छोटे तीन भाई अभी अविवाहित हैं और पूरा परिवार लंबे समय से बेटी के जन्म की उम्मीद कर रहा था। जब यह खुशी मिली तो उन्होंने इसे पूरे समाज के साथ बांटने का फैसला किया। परिवार का कहना है कि बिटिया उनके घर में खुशियां और नई उम्मीदें लेकर आई है और वे उसकी परवरिश पूरे प्यार और सम्मान के साथ करेंगे।
बुंदेलखंड की सोच को बदलेगा यह जश्न, डॉक्टर ने भी की सराहना
बुंदेलखंड क्षेत्र में आमतौर पर बेटे के जन्म पर बड़े जश्न देखने को मिलते हैं, जबकि बेटी के जन्म पर कई जगहों पर उदासी छा जाती है। ऐसे माहौल में Hamirpur Viral Video ने एक सकारात्मक संदेश दिया है। जिस अस्पताल में निखत फातिमा की डिलीवरी हुई, वहां के डॉक्टर अंशु मिश्रा ने इस पहल को सामाजिक रूप से बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने पहली बार बेटी के जन्म पर ऐसा खुला और भव्य जश्न देखा है। डॉक्टर के मुताबिक, यह सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर करता है कि बेटियां भी उतनी ही अनमोल हैं जितने बेटे। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के उदाहरण से धीरे-धीरे समाज की सोच बदलेगी और बेटियों को वह सम्मान मिलेगा जिसकी वे हकदार हैं।
