महाराष्ट्र की राजनीति से एक बड़ी और अनुभवी आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में पूर्व मंत्री रहे राज के. पुरोहित का शनिवार रात मुंबई में निधन हो गया। वे पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही बीजेपी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और मुंबई की राजनीतिक दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्यों के साथ-साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता गहरे सदमे में हैं। मुख्यमंत्री सहित कई बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया और निजी संदेशों के जरिए शोक व्यक्त किया और राज के. पुरोहित को एक समर्पित और जमीनी नेता बताया। उनके निधन को मुंबई की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।
रविवार को होगा अंतिम संस्कार
राज के. पुरोहित का अंतिम संस्कार रविवार को मुंबई के चंदनवाड़ी सोनापुर श्मशान घाट में दोपहर एक बजे किया जाएगा। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान जी रोड, मरीन ड्राइव पर रखा गया है। सुबह से ही उनके घर पर समर्थकों, शुभचिंतकों और पार्टी नेताओं का आना शुरू हो गया है। लोग नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंच रहे हैं। बीजेपी के कई सीनियर नेता भी अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर पहुंचे हैं। दोपहर एक बजे उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोग शामिल होने की संभावना है। राज के. पुरोहित का जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों के लिए भी गहरा दुख है, जिन्हें उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में मदद और मार्गदर्शन दिया।
पांच बार विधायक रहे, मुंबई की राजनीति में थी मजबूत पकड़
राज के. पुरोहित लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन उनकी पहचान एक मजबूत और सक्रिय नेता के रूप में बनी रही। वे मुंबई की राजनीति का जाना-पहचाना नाम थे और मुंबादेवी विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए थे। इसके अलावा वे मुंबईदेवी और कोलाबा क्षेत्रों से भी विधायक रह चुके थे। अपने राजनीतिक सफर में उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में कामगार मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी निभाई। वे जमीन से जुड़े नेता माने जाते थे और आम लोगों की समस्याओं को सदन तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे। राज के. पुरोहित राजस्थानी समाज के प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में भी पहचान रखते थे और समाज के विकास के लिए लगातार सक्रिय रहे। पार्टी संगठन में उनकी भूमिका हमेशा मजबूत रही और वे बीजेपी के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे।
बेटे आकाश पुरोहित ने संभाली राजनीतिक विरासत
राज के. पुरोहित के निधन के बाद उनकी राजनीतिक विरासत उनके बेटे आकाश पुरोहित आगे बढ़ा रहे हैं। हाल ही में हुए बीएमसी चुनाव 2026 में आकाश पुरोहित ने वार्ड नंबर 221 से बीजेपी के टिकट पर भारी मतों से जीत दर्ज की है। आकाश इससे पहले भी इसी वार्ड से कॉर्पोरेटर रह चुके हैं और स्थानीय राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। पिता के निधन के बाद अब आकाश पर न सिर्फ परिवार, बल्कि समर्थकों की उम्मीदें भी टिकी हुई हैं। राज के. पुरोहित के जाने से मुंबई बीजेपी को जो खालीपन हुआ है, उसे भर पाना आसान नहीं होगा। उनके समर्थक उन्हें एक सुलझे हुए, शांत और जनता के बीच रहने वाले नेता के रूप में याद कर रहे हैं। उनके निधन की खबर मिलते ही सुबह से उनके आवास पर लोगों का जुटना इस बात का संकेत है कि उन्होंने अपने जीवन में कितने लोगों के दिलों में जगह बनाई थी।
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