उत्तर प्रदेश के झांसी में पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। 4 और 5 जनवरी की दरम्यानी रात नवाबाद थाना क्षेत्र के सकुंवा ढुकवां कॉलोनी के पास सड़क पर खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। अनीता का पलटा हुआ ऑटो भी पास ही पड़ा मिला था, जिससे साफ था कि हत्या बेहद नजदीक से की गई है। अनीता न सिर्फ अपने परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उठा रही थीं, बल्कि झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर बनकर कई महिलाओं के लिए मिसाल भी थीं। उनकी बेरहमी से गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद इलाके में गुस्सा और डर का माहौल बन गया था, वहीं पुलिस पर जल्द खुलासे का दबाव लगातार बढ़ रहा था।
नामजद रिपोर्ट और फरार मुख्य आरोपी
मृतका महिला ऑटो ड्राइवर के पति की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में मुकेश झा, शिवम और मनोज के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी। जांच के शुरुआती दौर में पुलिस ने शिवम और मनोज को हिरासत में ले लिया, लेकिन मुख्य आरोपी मुकेश झा फरार हो गया था। अगले दिन उसकी इग्निस कार बरुआसागर थाना क्षेत्र में बेतवा नदी के नोटघाट पुल पर लावारिस हालत में खड़ी मिली, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई कि आरोपी भागने की फिराक में है या किसी बड़ी साजिश की तैयारी कर रहा है। पुलिस ने जिले भर में चेकिंग बढ़ा दी और संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन कई दिनों तक आरोपी का कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका। इस बीच, अनीता की हत्या को लेकर शहर में आक्रोश बढ़ता जा रहा था और लोग लगातार पुलिस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए थे।
आधी रात मुठभेड़ और आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस को आखिरकार उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब भगवंतपुरा मार्ग से करगुवां जाने वाले कच्चे रास्ते पर चेकिंग के दौरान मुकेश झा पुलिस के सामने आ गया। पुलिस ने उसे घेरकर आत्मसमर्पण के लिए कहा, लेकिन आरोपी ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में जा लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। घायल आरोपी को तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह मुठभेड़ पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी। आरोपी के पकड़े जाने के बाद अनीता चौधरी की हत्या की गुत्थी सुलझ गई और पुलिस ने राहत की सांस ली।
प्यार, धोखा और बदले की खौफनाक साजिश
झांसी पुलिस ने इस हत्याकांड के पीछे की वजह भी सामने रखी है, जिसने सभी को चौंका दिया। एसपी सिटी प्रीति सिंह के अनुसार, मुकेश झा और अनीता चौधरी के बीच करीब 6 से 7 साल पहले प्रेम संबंध थे। दोनों ने मंदिर में शादी भी की थी, लेकिन बाद में अनीता ने उससे दूरी बना ली और अलग रहने लगीं। पुलिस के मुताबिक, मुकेश इसे धोखा मानता था और लंबे समय से बदले की आग में जल रहा था। इसी वजह से उसने अनीता की शादी की सालगिरह की रात को हत्या की साजिश रची। जब अनीता ऑटो लेकर काम से लौट रही थीं, तभी मुकेश ने घात लगाकर उन्हें गोली मार दी। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद इस मामले में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल, झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर की दर्दनाक मौत ने समाज में रिश्तों, भरोसे और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
