राजस्थान की राजधानी जयपुर में ड्रंक एंड ड्राइव ने एक बार फिर कानून और व्यवस्था की पोल खोल दी है। पिंक सिटी में देर रात नशे में धुत एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने ऐसा तांडव मचाया कि एक पल में खुशहाल शाम मातम में बदल गई। आउटर जयपुर के पत्रकार कॉलोनी इलाके में सर्विस लेन पर लगे फूड स्टॉल्स और ढाबों को कुचलते हुए ऑडी कार ने वहां मौजूद दुकानदारों और ग्राहकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर चीख-पुकार मच गई और लोग समझ ही नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या। यह घटना जयपुर में शराब पीकर वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं पर एक बड़ा सवाल बनकर सामने आई है।
कैसे बेकाबू हुई ऑडी और मचाया कहर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात करीब 10 बजे एक ऑडी कार बेहद तेज रफ्तार में खरबास सर्किल की ओर से आ रही थी। सबसे पहले कार ने सर्किल की बाहरी बाउंड्री को जोरदार टक्कर मारी, जिससे बाउंड्री का हिस्सा टूटकर सड़क पर बिखर गया। टक्कर के बाद कार पूरी तरह बेकाबू हो गई और मुख्य सड़क छोड़कर सीधे सर्विस लेन में घुस गई। सर्विस लेन के दोनों ओर फूड स्टॉल और ढाबे लगे हुए थे, जहां रोज की तरह दुकानदार और ग्राहक मौजूद थे। ऑडी कार एक-एक कर 16 लोगों को टक्कर मारती और कुचलती हुई आगे बढ़ती चली गई। आखिरकार सामने एक पेड़ से टकराकर कार पलट गई। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई स्टॉल पलट गए और कुछ तो दो-तीन हिस्सों में टूट गए। चारों तरफ खाने-पीने का सामान, जूते-चप्पल और खून बिखरा हुआ नजर आ रहा था।
एक की मौत, आरोपी फरार, पुलिस पर सवाल
इस हादसे में गंभीर रूप से घायल भीलवाड़ा निवासी रमेश बैरवा की इलाज के दौरान मौत हो गई। रमेश एक फूड स्टॉल पर हेल्पर के तौर पर काम करता था और रोज की तरह मेहनत कर अपनी रोजी-रोटी कमा रहा था। हादसे के वक्त ऑडी कार में चार लोग सवार थे। कार के पलटते ही ड्राइवर समेत तीन लोग मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने ऑडी कार को जब्त कर लिया है, जिस पर दमन और दीव का नंबर लगा हुआ था। पुलिस के मुताबिक कार सवारों में दो लोग चुरू जिले के रहने वाले हैं, जबकि दो अजमेर जिले के रेनवाल क्षेत्र से हैं। इस घटना के बाद जयपुर पुलिस के ड्रंक एंड ड्राइव अभियान पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते चेकिंग के दौरान इस कार को रोका गया होता, तो एक निर्दोष जान बच सकती थी।
सरकार हरकत में, सख्त कार्रवाई का दावा
हादसे के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचे और घायलों का हाल जाना। मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सभी घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि अब ड्रंक एंड ड्राइव पर और सख्ती की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। वहीं पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी चूक का उदाहरण बन गया है। जयपुर में नशे में गाड़ी चलाने की लापरवाही ने यह साबित कर दिया है कि कानून का डर खत्म हो रहा है, जिसकी कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
