टाटानगर से एर्नाकुलम जा रही टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस उस वक्त अचानक सुर्खियों में आ गई, जब ट्रेन के दो एसी कोचों में भीषण आग लग गई। यह घटना रात करीब 12:45 बजे की बताई जा रही है, जब ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। अचानक AC कोच से धुआं और आग की तेज लपटें उठने लगीं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। रेलवे और पुलिस के मुताबिक, आग सबसे पहले B1 कोच में लगी, जिसने देखते ही देखते पास के एक अन्य एसी कोच को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रभावित दोनों कोचों में क्रमशः 82 और 76 यात्री सवार थे, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए।
लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
इस भयावह हादसे के बीच लोको पायलट की सतर्कता और सूझबूझ ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली। जैसे ही लोको पायलट ने रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन में आग की लपटें देखीं, उन्होंने बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था। ट्रेन रुकते ही रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आग की चपेट में आए दोनों एसी कोचों को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया गया। इसके बाद दमकल विभाग और रेलवे सुरक्षा बल की मदद से आग पर काबू पाया गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लोको पायलट की तत्परता नहीं होती, तो यह हादसा दर्जनों जानें ले सकता था।
एक यात्री की मौत, मृतक की पहचान उजागर
इस दर्दनाक हादसे में एक यात्री की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मृतक की पहचान चंद्रशेखर सुंदरम के रूप में की गई है। आग लगने के दौरान वह प्रभावित एसी कोच में ही मौजूद थे। आग और धुएं के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद यात्रियों और उनके परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है। कई यात्रियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
फॉरेंसिक जांच शुरू, यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
घटना के बाद पुलिस और रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। पुलिस ने बताया कि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए दो फॉरेंसिक टीमें जांच में जुट गई हैं। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी। दोनों जले हुए कोचों को ट्रेन से अलग कर दिया गया है, जबकि बाकी ट्रेन को एर्नाकुलम की ओर रवाना कर दिया गया। प्रभावित कोचों के यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक ट्रेन और बसों की व्यवस्था की जा रही है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने का इंतजार करें।
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