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आधी रात हुआ बड़ा हादसा: बस और ट्रक की भीषण भिड़ंत से लगी आग, 12 से ज्यादा लोग जिंदा जले

Karnataka Bus हादसा में चित्रदुर्ग जिले के हिरियूर तालुका में बस-ट्रक की भीषण टक्कर के बाद आग लगने से 12 से अधिक यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जानिए हादसे की पूरी कहानी।

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कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले से गुरुवार तड़के एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। हिरियूर तालुका के गोरलट्टू इलाके में एक निजी स्लीपर बस और तेज रफ्तार ट्रक के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर ने कुछ ही मिनटों में खुशहाल सफर को भयावह त्रासदी में बदल दिया। बताया जा रहा है कि यह हादसा बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब 12 बजे हुआ, जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। बेंगलुरु से गोकार्णा जा रही बस अचानक सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते लपटों ने बस को पूरी तरह घेर लिया। अंधेरे और आग के बीच कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका, जिससे 12 से अधिक लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई।

टक्कर के बाद आग ने छीनी सांसें

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, टक्कर के तुरंत बाद बस के अगले हिस्से में आग भड़क उठी, जो कुछ ही पलों में पूरी बस में फैल गई। स्लीपर बस होने के कारण अंदर सो रहे यात्रियों को हालात समझने में समय लग गया और तब तक आग भयावह रूप ले चुकी थी। बस में सवार कई लोग चीख-पुकार करते हुए बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज आग और धुएं के कारण रास्ते बंद हो गए। ट्रक का अगला हिस्सा भी आग की चपेट में आ गया, जिसमें ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुएं से भर गया। आग इतनी तेज थी कि पास जाने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा था, जिससे राहत कार्य में भी देरी हुई।

कंडक्टर की जुबानी उस रात की दहशत

इस भीषण हादसे में बस के कंडक्टर मोहम्मद सलीम किसी तरह जान बचाने में सफल रहे। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त वह बस में सो रहे थे। अचानक तेज आवाज हुई, खिड़की का शीशा टूट गया और वह झटके से बस से बाहर गिर पड़े। सलीम के मुताबिक, उन्हें इसके बाद कुछ याद नहीं कि अंदर क्या हुआ। होश आने पर खुद को अस्पताल में पाया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। कंडक्टर का कहना है कि अगर आग कुछ सेकंड भी देर से फैलती, तो शायद और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उनकी आंखों में अब भी उस रात की दहशत साफ झलकती है। अन्य बचे यात्रियों ने भी बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

राहत-बचाव, घायलों का इलाज और जांच के सवाल

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। डीएसपी शिवकुमार ने स्वयं राहत और बचाव कार्य की निगरानी की। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कई जिंदगियां खत्म हो चुकी थीं। घायलों को तुरंत चित्रदुर्ग जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से दो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए बेंगलुरु रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा। इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बस यात्राओं में सुरक्षा, ड्राइवरों की थकान और सड़क पर भारी वाहनों की निगरानी जैसे सवाल खड़े कर दिए हैं।

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