नवजोत कौर सिद्धू ने हाल ही में चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब की राजनीति और राज्य में विकास की दिशा पर चर्चा की। सिद्धू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी बल्कि पंजाब में नई राजनीतिक परिस्थितियों को समझने और राज्य की चुनौतियों पर गहन चर्चा करने के लिए थी।
क्या सिद्धू कांग्रेस छोड़ने वाली हैं?
इस मुलाकात के बाद राजनीति गलियारों में चर्चाएँ तेज हो गई हैं कि नवजोत कौर सिद्धू जल्द ही कांग्रेस से अलग होने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की, लेकिन उनके बयान और हालिया राजनीतिक गतिविधियों ने इस अटकल को हवा दी है। कई विश्लेषकों का कहना है कि सिद्धू की यह चाल पंजाब की मुख्यमंत्री की रेस में उनकी मजबूत पकड़ को और बढ़ा सकती है।
मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा और जमीन विवाद
नवजोत कौर सिद्धू ने इस मुलाकात में पंजाब में CM पद की दौड़ में अपनी स्थिति भी उजागर की। उन्होंने कहा कि राज्य में पांच महत्वपूर्ण नेता मुख्यमंत्री पद के लिए मुकाबला कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने शिवालिक रेंज में कथित VVIPs द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन पर कब्जा किए जाने की बात उठाई। सिद्धू ने इसे राज्य के विकास और पारदर्शिता के लिए गंभीर मुद्दा बताया।
जनता और भविष्य की राजनीति पर संदेश
सिद्धू ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य पंजाब के विकास और आम लोगों की भलाई है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे राजनीति में सक्रिय रहें और पारदर्शिता व न्याय की मांग करते रहें। सिद्धू की रणनीति स्पष्ट रूप से पंजाब में राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने और मुख्यमंत्री पद की दौड़ में खुद को एक प्रभावशाली उम्मीदवार साबित करने की दिशा में नजर आ रही है।
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