Homeराजनीतिदिल्ली में ‘नारी शक्ति’ का उबाल... राहुल गांधी के घर तक मार्च,...

दिल्ली में ‘नारी शक्ति’ का उबाल… राहुल गांधी के घर तक मार्च, हिरासत में ली गईं BJP सांसद बांसुरी स्वराज

दिल्ली में महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा महिला सांसदों का जोरदार विरोध प्रदर्शन, राहुल गांधी के आवास तक मार्च के दौरान कई नेता हिरासत में, जानिए पूरा मामला।

-

महिला आरक्षण संशोधन बिल लोकसभा में पास न होने के विरोध में दिल्ली की सड़कों पर राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया। भाजपा की महिला सांसदों और कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर जोरदार विरोध मार्च निकाला। बड़ी संख्या में महिलाएं मोतीलाल नेहरू रोड पर एकत्रित हुईं और वहां से विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास की ओर कूच किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर “नारी शक्ति का स्वाभिमान, विपक्ष ने किया अपमान” और “महिलाओं के साथ धोखा बंद करो” जैसे नारे लिखे हुए थे। माहौल पूरी तरह राजनीतिक नारों और विरोध की आवाजों से गूंज उठा।

राहुल गांधी के आवास के पास बढ़ा तनाव

जैसे ही प्रदर्शनकारी राहुल गांधी के आवास के करीब पहुंचे, स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी थी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कई महिला कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला भी जलाया, जिससे माहौल और ज्यादा गरम हो गया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की स्थिति भी बनी, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए सख्त कदम उठाए गए।

हिरासत में ली गई  कई महिला सांसद

विरोध मार्च के दौरान भाजपा की कई प्रमुख महिला नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनमें सांसद बांसुरी स्वराज और कमलजीत सहरावत के नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा हेमा मालिनी, मंजू शर्मा, योगिता सिंह और लता गुप्ता सहित कई अन्य नेता भी मौके पर मौजूद थीं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों का अपमान किया है और जानबूझकर इस बिल को पास नहीं होने दिया। उनका कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की महिलाओं के सम्मान और उनके भविष्य से जुड़ा सवाल है।

स्मृति ईरानी का तीखा बयान

इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश ने देखा कि किस तरह महिलाओं की राजनीतिक आकांक्षाओं को दबाने की कोशिश की गई। उनके मुताबिक, यह केवल संसद का मामला नहीं बल्कि हर उस नागरिक का मुद्दा है जो महिलाओं के सम्मान में विश्वास रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता इस बिल के गिरने पर खुशियां मना रहे थे, जनता उन्हें आने वाले समय में जवाब देगी। इस विरोध के बाद महिला आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

Read More-‘भारत माता का अपमान’—महिला आरक्षण बिल पर फूटा योगी का गुस्सा, विपक्ष ने दिया करारा जवाब

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts