बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। लंबे समय से चल रहे इस हाई-प्रोफाइल केस में अभिनेत्री ने खुद आगे आकर सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। पटियाला हाउस कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने को तैयार हैं। उनके इस कदम को केस में एक अहम मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अब यह मामला नए दिशा में जा सकता है।
अदालत ने दिया साफ निर्देश
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि जैकलीन फर्नांडिस को सरकारी गवाह बनने के लिए सीधे प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने औपचारिक आवेदन देना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी उनके सहयोग और दिए गए बयान के आधार पर ही फैसला करेगी कि उन्हें ‘अप्रूवर’ बनाया जाए या नहीं। इसके साथ ही कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 20 अप्रैल तय कर दी है। इससे साफ है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
सुकेश चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप
इस केस में मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर है, जिस पर जेल के अंदर से ही ठगी और वसूली का बड़ा नेटवर्क चलाने का आरोप है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की और इसी पैसे से कई महंगे तोहफे खरीदे। आरोप है कि उसने ये तोहफे जैकलीन फर्नांडिस को भी दिए, जिनमें लग्जरी घड़ियां, महंगे बैग और जूलरी शामिल हैं। हालांकि, अभिनेत्री का कहना है कि उन्हें सुकेश की असली पहचान के बारे में जानकारी नहीं थी और वह खुद को एक बड़ा बिजनेसमैन बताकर उन्हें धोखा देता रहा।
विदेश यात्रा की मिली अनुमति, लेकिन शर्तों के साथ
इस बीच अदालत ने जैकलीन फर्नांडिस को 24 अप्रैल से 25 मई के बीच विदेश यात्रा की अनुमति भी दे दी है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। उन्हें जांच में सहयोग जारी रखना होगा और समय-समय पर एजेंसियों के संपर्क में रहना होगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या वह सच में सरकारी गवाह बनती हैं और इस केस में नया खुलासा करती हैं या नहीं। यह मामला आने वाले समय में और भी ज्यादा चर्चाओं में रहने वाला है।
