धर्मेंद्र की सुपरहिट और कल्ट मानी जाने वाली फिल्म ‘शोले’ एक बार फिर से सिनेमाघरों में लौट रही है। यह फिल्म धर्मेंद्र के जन्मदिन के ठीक बाद, 12 दिसंबर को 4K फॉर्मेट में देशभर की करीब 1500 स्क्रीन्स पर रिलीज होगी। बेहतर पिक्चर क्वालिटी और री-डिजिटलाइज्ड साउंड फैंस को एक बार फिर पुराने दौर की यादों में ले जाएगा। फ़िल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि दर्शक इसे आज भी उसी रोमांच और इमोशन के साथ देखेंगे जैसे पहली बार देखा था।
जय-वीरू की दोस्ती फिर जगी यादों में
‘शोले’ की पहचान सिर्फ उसके संवादों से नहीं बल्कि उसके किरदारों से भी है। जय-वीरू की दोस्ती ने भारतीय सिनेमा को नई परिभाषा दी। जहाँ फिल्म में जय का किरदार दुश्मनों से लड़ते हुए वीरू का साथ छोड़ देता है, वहीं असल जिंदगी में भी धर्मेंद्र लंबे समय से अपने दोस्त और सह-कलाकार अमिताभ बच्चन को याद करते रहे हैं। री-रिलीज की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने इस अमर दोस्ती को फिर याद किया।
अब नहीं रहे तीन दिग्गज—वीरू, ठाकुर और गब्बर
‘शोले’ की इस री-रिलीज में एक भावुक पहलू भी है। फिल्म के चार मुख्य आइकॉनिक किरदारों—जय (अमिताभ बच्चन), वीरू (धर्मेंद्र), ठाकुर (संजीव कुमार) और गब्बर (अमजद खान)—में से तीन आज हमारे बीच नहीं हैं। संजीव कुमार, अमजद खान और अब हाल ही में धर्मेंद्र के न रहने से फैंस और भी भावुक हैं। स्क्रीन पर जब ठाकुर और गब्बर की दुश्मनी या वीरू की मस्ती दोबारा देखने को मिलेगी, तो दर्शक उन दिग्गज कलाकारों को श्रद्धांजलि भी देंगे।
बसंती, मौसी और फिल्म का अनोखा आकर्षण
हेमा मालिनी की बसंती और लीला मिश्रा की मौसी फिल्म में हास्य और मासूमियत का अनोखा मिश्रण पेश करती हैं। ठाकुर–गब्बर की घमासान लड़ाई के बीच बसंती का जीवंत अभिनय फिल्म को संतुलन देता है। री-रिलीज के मौके पर नए दर्शक 4K क्वालिटी में इन किरदारों को और करीब से महसूस कर सकेंगे। वहीं पुराने दर्शकों के लिए यह मौका होगा फिर से अपने पसंदीदा किरदारों को बड़े पर्दे पर देखने का। फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि ‘शोले’ की यह नई प्रस्तुति आने वाली पीढ़ियों को भी भारतीय सिनेमा की इस ऐतिहासिक कृति से जोड़ने का काम करेगी।
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