मध्य प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में तैनात एसडीओ विनोद वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई एक वीडियो वायरल होने के बाद हुई। वीडियो में वह जंगल में बैठे हुए एक सांभर हिरण को अपने हाथों से पोहा खिलाते और उसे दुलारते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो चूरना वन क्षेत्र का है और इसे खुद अधिकारी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि क्या किसी वन अधिकारी को भी इस तरह जंगली जानवरों के साथ व्यवहार करना चाहिए।
लोगों ने की कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद वन्यजीव प्रेमियों और कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि जंगली जानवरों को इंसानों का खाना खिलाना और उन्हें छूना नियमों के खिलाफ है। एक वाइल्डलाइफ आरटीआई कार्यकर्ता ने भी अधिकारी के खिलाफ शिकायत की और कहा कि यह वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन हो सकता है। इसके बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और एसडीओ को निलंबित कर दिया। अब कई लोग मांग कर रहे हैं कि विभाग यह भी जांच करे कि क्या इस मामले में कानूनी कार्रवाई की जरूरत है।
जंगली जानवरों को खाना खिलाना क्यों गलत माना जाता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि जंगली जानवरों को इंसानों का खाना खिलाना उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे जानवर इंसानों पर निर्भर होने लगते हैं और बाद में भोजन की तलाश में गांव या शहर की ओर आने लगते हैं। इससे उनकी जान भी खतरे में पड़ सकती है। इसके अलावा, इंसानों के बहुत करीब आने से जानवरों में बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए वन विभाग हमेशा लोगों को जंगली जानवरों से दूरी बनाए रखने की सलाह देता है।
अब जांच पर टिकी सबकी नजर
इस घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब वन्यजीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अधिकारियों पर होती है, तो उन्हें खुद भी नियमों का पालन करना चाहिए। फिलहाल विभाग ने एसडीओ को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच जारी है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद केवल विभागीय कार्रवाई होती है या वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत भी कोई कानूनी कदम उठाया जाता है।
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