बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से हलचल मची हुई है, लेकिन नई सरकार के शपथ ग्रहण में जिस चेहरे ने सबसे ज़्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह थे उपेंद्र कुशवाहा बेटा दीपक प्रकाश। परंपरागत कुर्ता-पायजामा या बंदगला की जगह वे जींस, सफेद शर्ट और क्रॉक्स पहनकर मंच पर पहुंचे।
जैसे ही उनका नाम पुकारा गया, कैमरों की लाइटें एक साथ उनकी ओर घूम गईं। अलग पहनावे और सहज अंदाज़ में शपथ लेते दीपक को देखकर हर कोई यही सोच रहा था—ये युवा आखिर कौन है? वे राजनीति के बड़े चेहरों के बीच बिल्कुल नए अंदाज़ में नज़र आए और उनका यह लुक पूरे समारोह की सबसे चर्चित बात बन गया।
बिना चुनाव लड़े मंत्री, बोले—“क्यों बनाया जाना है, पिताजी से पूछ लीजिए”
शपथ के बाद मीडिया ने जब उनसे पूछा कि उन्हें मंत्री क्यों बनाया गया, तो दीपक प्रकाश ने बेहद सरलता से कहा— “ये सवाल पिताजी से पूछिए, उन्हीं को पता होगा।”
इस जवाब ने एक नया विवाद, एक नई चर्चा पैदा कर दी।
दीपक प्रकाश न तो विधायक हैं, न उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा। इसके बावजूद उन्हें सीधे बिहार कैबिनेट में शामिल किया गया। उन्होंने किसी तरह की राजनीतिक पिच तैयार नहीं की, लेकिन अचानक मंत्री बन जाने से लोग राजनीति में “नई उम्र की एंट्री, नई शैली और नई रणनीति” पर बात करने लगे। आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे होने की वजह से उन पर वंशवाद के सवाल भी उठे, लेकिन उनके शांत, सहज और नॉन-पालिटिकल अंदाज़ ने सबको हैरान कर दिया।
नीतीश सरकार में नया चेहरा
बिहार में नई सरकार ने कई नए चेहरों को मौका दिया है, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा के बेटे का शामिल होना एक बड़ा फैसला है। रुचिकर बात यह है कि उपेंद्र कुशवाहा बेटा दीपक प्रकाश अब तक राजनीति में सक्रिय भूमिका से दूर रहे हैं।
उनका नाम कभी किसी बड़ी राजनीतिक बहस में नहीं आया, न ही उन्हें किसी मंच पर सक्रियता से बोलते देखा गया। लेकिन अचानक कैबिनेट में शामिल होने से संकेत साफ हैं—नीतीश सरकार नए समीकरणों को मजबूती देने की कोशिश कर रही है और समाज के हर वर्ग में अपनी पकड़ बनाए रखना चाहती है।
शपथ के बाद भी चर्चा जारी
किसी ने उनके पहनावे को “युवा सोच” कहा, तो किसी ने “राजनीति में अनुशासन और परंपरा की कमी” का मुद्दा उठाया। बहस का दूसरा हिस्सा इस बात पर है कि बिना चुनाव लड़े, बिना राजनीतिक अनुभव के, कोई सीधे मंत्री कैसे बन सकता है?
लेकिन चाहे आलोचना हो या तारीफ—उपेंद्र कुशवाहा बेटा दीपक प्रकाश इस समय बिहार राजनीति का सबसे चर्चित चेहरा बन चुके हैं। उनकी सादगी और सहजता ने लोगों को चौंकाया भी और सोचने पर मजबूर भी किया है कि क्या यह बिहार की राजनीति में नए दौर की शुरुआत है, जहां व्यक्तित्व और शिक्षा को भी महत्व दिया जा रहा है? एक बात तय है—जींस, सफेद शर्ट और क्रॉक्स में मंत्री पद की शपथ लेने वाला यह युवा आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प चेहरा बनने वाला है।
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