बिहार के सियासी इतिहास में 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे नीतीश कुमार एक बार फिर सुर्खियों में आ गए। समारोह के दौरान ऐसी घटना हुई कि मौजूद हर व्यक्ति की निगाहें मंच पर ठहर गईं।
शपथ ग्रहण से कुछ सेकंड पहले नीतीश कुमार ने अचानक अपनी कुर्ते की जेब में हाथ डाला और एक छोटी सी पर्ची बाहर निकाली। इसके बाद वह मंच पर मौजूद महिला अधिकारी की ओर बढ़े और पर्ची दिखाते हुए उनसे कुछ बातचीत करने लगे। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोग अचंभित रह गए कि आखिर इस पर्ची में ऐसा क्या था जिसे नीतीश शपथ से पहले ही दिखाने के लिए उत्सुक हो गए। सोशल मीडिया पर भी इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हुआ और लोग तरह-तरह के अनुमान लगाने लगे।
पर्ची में क्या लिखा था—अधिकारियों के बीच हुई बातचीत ने बढ़ाया उत्सुकता
जैसे ही नीतीश कुमार ने पर्ची महिला अधिकारी के हवाले की, कैमरों ने उस पल को तुरंत कैद कर लिया। हालांकि पर्ची में क्या लिखा था, यह खुले रूप से नजर नहीं आया, मगर सूत्रों के मुताबिक यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज हो सकता है।
जानकारों का कहना है कि यह पर्ची शपथ ग्रहण के दौरान पढ़े जाने वाले फॉर्मल टेक्स्ट या फिर मंत्रियों के नामों के क्रम से जुड़ी हुई थी। कुछ विशेषज्ञों ने अंदाजा लगाया कि संभव है कि यह सूची नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले 26 मंत्रियों की अंतिम क्रमवार जानकारी थी।
महिला अधिकारी ने पर्ची में नजर दौड़ाई, नीतीश से कुछ बात की और फिर पर्ची वापस उन्हें सौंप दी। दोनों के चेहरे पर गंभीरता थी, जिससे साफ झलक रहा था कि यह छोटा सा कागज़ बड़ी तैयारी का हिस्सा था।
मंच पर माहौल में पसर गया उत्साह
शपथ ग्रहण का माहौल वैसे ही गरिमा से भरा था, लेकिन नीतीश की इस अनपेक्षित कार्रवाई ने समारोह में अलग ही रुचि जोड़ दी। फैंस और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नीतीश कुमार हमेशा से ही छोटे-छोटे प्रोटोकॉल्स को लेकर बेहद सजग रहते हैं और कोई भी औपचारिकता गलती से छूट न जाए, इसके लिए वह खुद अंतिम क्षणों तक महत्वपूर्ण चीजें जांचते रहते हैं।
इसके बाद जब उन्होंने शपथ ली, तो पूरा वातावरण तालियों से गूंज उठा। नीतीश कुमार ने आत्मविश्वास और स्थिरता के साथ अपना 10वां कार्यकाल शुरू किया। उनकी इस विस्तृत तैयारी ने यह भी साफ कर दिया कि वह इस बार राजनीतिक स्थिरता और प्रशासन की दिशा को नए सिरे से मजबूत करने के प्रयास में हैं।
10वीं बार सीएम बनकर रचे इतिहास
नीतीश कुमार का 10वां कार्यकाल उन्हें देश के उन नेताओं की श्रेणी में रखता है जिनके नाम पर लंबे समय तक सत्ता में रहने का रिकॉर्ड दर्ज है। और ये शपथ ग्रहण सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति के नए अध्याय का संकेत माना जा रहा है।
लाखों की भीड़ के बीच राजभवन के बाहर बड़ी स्क्रीनें लगाई गई थीं, जहां लोग हर पल को लाइव देख रहे थे। पर्ची निकालने का यह छोटा सा पल सोशल मीडिया पर बड़ी चर्चा बन गया। कई लोगों ने कहा कि यह नीतीश के व्यक्तित्व की झलक है—सावधानी, सरलता और हर प्रक्रिया को शुद्ध रूप में निभाने की आदत। वहीं विपक्ष ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि शायद वह पर्ची मंत्रिमंडल में शामिल होने वालों की उलझन को सुलझाने के लिए थी।
लेकिन सच यह है कि बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार का अनुभव इतना व्यापक है कि इस तरह की छोटी तैयारियां उनके काम करने के अंदाज का ही हिस्सा हैं।
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