फर्जी दस्तावेज और सर्टिफिकेट से जुड़े आरोपों के बीच Sahar Shaikh एक बार फिर चर्चा में हैं। चुनाव के दौरान उनकी उम्मीदवारी को लेकर लगाए गए आरोपों के बाद मामला कानूनी विवाद में बदल गया है। इस पूरे मामले पर पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि यह सब राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
संविधान और कानून पर भरोसा
सहर शेख ने साफ कहा कि वे संविधान और देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखती हैं। उन्होंने कहा कि वे हमेशा सिस्टम के तहत ही अपनी बात रखती हैं और कानूनी तरीके से ही लड़ाई लड़ रही हैं। इसी वजह से उन्होंने शुरुआत में मीडिया से दूरी बनाए रखी थी। उनके अनुसार, इस समय उनका पूरा ध्यान कानूनी प्रक्रिया पर है और जल्दबाजी में कोई बयान देने से बचा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चाई जल्द सामने आएगी और सभी आरोप गलत साबित होंगे।
कोर्ट में लड़ाई और नोटिस की बात
इस मामले को लेकर सहर शेख ने स्पष्ट किया कि अब पूरा विवाद कोर्ट में चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ गलत तरीके से रिपोर्ट तैयार की गई है। सहर शेख ने कहा कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजा है और वे भी इस मामले में कानूनी रास्ता अपना रही हैं। उनका कहना है कि किसी भी स्तर पर गलत जानकारी फैलाने वालों को जवाब दिया जाएगा।
राजनीतिक साजिश का आरोप
सहर शेख ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि कुछ अकाउंट्स और लोगों द्वारा उनकी छवि खराब करने के लिए फर्जी कंटेंट शेयर किया गया। इसके चलते उन्होंने कई लोगों के खिलाफ मानहानि का नोटिस भेजा है। उनका कहना है कि यह पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा है और हार स्वीकार न कर पाने की वजह से ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने सरकारी एजेंसियों को गुमराह करके जाति प्रमाण पत्र हासिल किया था, जिसकी जांच जारी है।
