जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसमें एक पाकिस्तानी आतंकी के भारत में लंबे समय तक छिपकर रहने की बात कही गई है। आरोपी Abdullah (Pakistani terror suspect) ने कथित तौर पर 16 साल तक अपनी असली पहचान छुपाकर भारत में अलग-अलग जगहों पर काम किया। वह कभी प्लंबर, कभी कुक और कभी इलेक्ट्रीशियन बनकर आम लोगों के बीच रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसने राजस्थान और हरियाणा में कई छोटे-मोटे काम किए और धीरे-धीरे अपना ठिकाना बदलता रहा।
पंजाब के गांव में बसकर बनाया नया ठिकाना
जांच में सामने आया है कि अब्दुल्ला ने बाद में पंजाब के Malerkotla इलाके में बसने का फैसला किया, जहां वह स्थानीय लोगों के बीच आसानी से घुलमिल सके। यहां उसने ढाबा भी चलाया और धीरे-धीरे खुद को एक सामान्य व्यक्ति की तरह पेश किया। इसी दौरान उसने शेयर बाजार की ट्रेडिंग भी सीखी और निवेश से जुड़े काम करने लगा। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय उसके डीमैट अकाउंट में कुछ मुनाफा भी पाया गया था और वह दूसरों को निवेश के सुझाव देने लगा था, जिससे कोई भी उस पर शक न कर सके।
नेटवर्क और संपर्कों को लेकर बड़े खुलासे
पूछताछ के दौरान अब्दुल्ला ने कथित तौर पर अपने सहयोगी हारिस उर्फ “खरगोश” के बारे में भी जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि दोनों का नेटवर्क राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तक फैला हुआ था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई छोटे स्तर पर काम कर रहा था, जिसमें लोग अलग-अलग पहचान के साथ शामिल थे। यह भी सामने आया है कि कुछ संपर्क कश्मीर से भी जुड़े हुए थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अब और गहराई से जांच कर रही हैं।
गिरफ्तारी के बाद जांच तेज
अब्दुल्ला को इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था और अब उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि फरार आतंकियों में से एक ने कश्मीर में एक स्थानीय समर्थक के परिवार से संबंध बनाए थे, जिससे नेटवर्क और मजबूत हुआ। अब पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को इंटर-स्टेट और इंटरनेशनल स्तर पर जोड़कर देख रही हैं, ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके।
