एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद Asaduddin Owaisi ने नमाज और अज़ान को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक ईद मिलाप कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मुसलमान अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करते रहेंगे और नमाज पढ़ना नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब भी मुस्लिम समुदाय का कोई त्योहार आता है, तब नमाज और अज़ान जैसे मुद्दों पर विवाद शुरू हो जाता है। ओवैसी ने सवाल उठाया कि आखिर धार्मिक गतिविधियों को बार-बार विवाद का विषय क्यों बनाया जाता है।
सभी धर्मों के आयोजनों के लिए एक जैसे नियम हों
ओवैसी ने कहा कि देश में अलग-अलग धर्मों के जुलूस, यात्राएं और त्योहार सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित होते हैं। कई बार इन आयोजनों के दौरान सड़कें भी बंद रहती हैं और विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं। उन्होंने कहा कि अगर सभी धर्मों के लोग सार्वजनिक स्थानों पर अपने कार्यक्रम कर सकते हैं, तो केवल नमाज को लेकर सवाल उठाना सही नहीं है। उनके अनुसार, नियम और कानून सभी धर्मों के लिए समान होने चाहिए।
संविधान ने दिया है धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
अपने भाषण में ओवैसी ने संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी समुदायों को अपने धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने की आजादी है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की आजादी में मुस्लिम समाज के कई लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इस इतिहास को भुलाया नहीं जाना चाहिए।
बयान के बाद तेज हुई राजनीतिक चर्चा
ओवैसी का यह बयान ऐसे समय आया है जब सार्वजनिक स्थानों पर नमाज को लेकर कई जगहों पर बहस चल रही है। उन्होंने कहा कि मुसलमान इस देश का हिस्सा हैं और आगे भी रहेंगे। उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। समर्थक इसे धार्मिक अधिकारों की बात बता रहे हैं, जबकि विरोधी पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहा है। फिलहाल ओवैसी का यह बयान देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Read More-टेस्ट ड्राइव के बहाने आया ग्राहक, XUV लेकर हुआ फरार! झांसी के कार बाजार में दिनदहाड़े बड़ा खेल
