लखनऊ में हुई एक पदयात्रा को लेकर राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने इस कार्यक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस पदयात्रा में शामिल होने आई कई महिलाओं को यह तक नहीं पता था कि उन्हें किस काम के लिए बुलाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को जबरदस्ती या बिना पूरी जानकारी दिए लाया गया। इस बयान के बाद मामला चर्चा में आ गया है और अब यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।
खाने को लेकर बड़ा आरोप
अखिलेश यादव ने सबसे बड़ा आरोप यह लगाया कि कार्यक्रम में आई महिलाओं को खराब और सड़ा हुआ खाना दिया गया। उन्होंने कहा कि महिलाएं खुद परेशान थीं और पूछ रही थीं कि उन्हें रहने की व्यवस्था कौन देगा। उनके इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अगर ये आरोप सही हैं, तो यह महिलाओं के साथ गलत व्यवहार का मामला भी बन सकता है। फिलहाल इस मुद्दे पर बीजेपी की तरफ से कोई साफ जवाब सामने नहीं आया है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है।
श्रद्धांजलि और सरकार पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कुरैशी ने हमेशा समाज में भाईचारा और एकता को बढ़ावा दिया। इसके साथ ही उन्होंने यूपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने गाजीपुर और हाथरस जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था ठीक नहीं है और आम लोगों को न्याय मिलने में दिक्कत हो रही है।
कानून-व्यवस्था और मीडिया पर सवाल
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि प्रदेश की हालत ठीक नहीं है और इससे सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है। उन्होंने मीडिया पर भी सवाल उठाए और कहा कि कुछ चैनलों को पिछले कुछ सालों में ज्यादा फंडिंग मिली है। उनके इन बयानों से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा हो सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बीजेपी इन आरोपों का क्या जवाब देती है और सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है।
Read More-जब सिस्टम ने छोड़ा साथ, बाइक को बनाया स्ट्रेचर… कैंसर पीड़ित पत्नी को बचाने के लिए भटक रहा पति
