रिकॉर्ड हाई के बाद धड़ाम! सोना-चांदी में आई बड़ी गिरावट, क्या अब मौका है खरीदने का?
ग्लोबल बाजार में इस समय सोना और चांदी के दाम में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। हाल ही में जहां दोनों धातुएं अपने रिकॉर्ड स्तर पर थीं, वहीं अब कीमतों में तेज गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट में सोना गिरकर 4500 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया है, जो कई दशकों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट मानी जा रही है।
इस गिरावट से उन लोगों को ज्यादा झटका लगा है, जिन्होंने हाल ही में ऊंचे दाम पर निवेश किया था। वहीं कुछ निवेशक अब इस मौके को खरीदारी के रूप में भी देख रहे हैं। बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि आगे क्या होगा।
युद्ध के बावजूद क्यों गिर रहे हैं दाम?
आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो सोना-चांदी की कीमतें बढ़ती हैं क्योंकि इन्हें सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन इस बार Middle East में चल रहे तनाव और Iran-Israel के बीच युद्ध के बावजूद कीमतें गिर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार निवेशकों का ध्यान सोने से हटकर दूसरे सेक्टर, खासकर क्रूड ऑयल की ओर चला गया है। तेल की कीमतों में तेज उछाल आने से लोग वहां ज्यादा निवेश कर रहे हैं, जिससे सोने-चांदी की मांग कम हो गई है।
डॉलर मजबूत, ब्याज दरें बढ़ीं—बढ़ा दबाव
सोने और चांदी की कीमतों पर कई आर्थिक फैक्टर असर डालते हैं। इस समय United States का डॉलर मजबूत हो रहा है, जिससे सोने की मांग कम हो जाती है। इसके अलावा, बढ़ती महंगाई के चलते केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा रहे हैं, जो सोने के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है।
चांदी की बात करें तो उसमें भी भारी गिरावट आई है। एक दिन में करीब 5% तक गिरकर चांदी 70 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गई। भारत में भी कीमतों में तेज गिरावट देखी गई है, जिससे बाजार में हलचल बनी हुई है।
क्या अभी खरीदना सही रहेगा? एक्सपर्ट की सलाह
इस गिरावट के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो निवेशक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छा मौका हो सकता है। लेकिन शॉर्ट टर्म निवेशकों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए क्योंकि बाजार में अभी अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेश एक बार में करने के बजाय धीरे-धीरे करना बेहतर रहेगा। इससे जोखिम कम होगा और औसत कीमत संतुलित रहेगी। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, इसलिए सोच-समझकर ही फैसला लेना जरूरी है।
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