दुनिया के तेल बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। United States ने ईरानी कच्चे तेल पर लगे प्रतिबंधों में सीमित छूट देने का फैसला किया है। हालांकि यह राहत स्थायी नहीं है, बल्कि सिर्फ 30 दिनों के लिए दी गई है। इस फैसले के तहत केवल वही तेल बेचा जा सकेगा जो पहले से समुद्र में टैंकरों में भरा हुआ है। नए तेल की खरीद या निर्यात की अनुमति अभी भी नहीं दी गई है। इस कदम का उद्देश्य वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ाना और तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना माना जा रहा है।
समंदर में फंसा है करोड़ों बैरल तेल, बाजार पर नजर
जानकारी के अनुसार Iran का करीब 130 से 170 मिलियन बैरल कच्चा तेल इस समय समुद्र में टैंकरों में स्टोर है। यह तेल लंबे समय से प्रतिबंधों के कारण बाजार में नहीं आ पा रहा था। अब अमेरिका की ओर से मिली अस्थायी छूट के बाद इस तेल को बेचने का रास्ता खुल गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तेल बाजार में आता है, तो अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। खासकर ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते तेल सप्लाई पर असर पड़ रहा है।
क्या भारत खरीदेगा ईरानी तेल? कंपनियां कर रहीं तैयारी
इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या India ईरानी तेल खरीदने की दिशा में कदम बढ़ाएगा। सूत्रों के अनुसार, भारतीय रिफाइनरी कंपनियां इस विकल्प पर नजर बनाए हुए हैं और संभावनाओं का आकलन कर रही हैं। हालांकि, अभी भी भुगतान व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जुड़े कई सवाल बाकी हैं। भारत पहले भी ईरान से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता रहा है, लेकिन प्रतिबंधों के कारण यह व्यापार लगभग बंद हो गया था। अब इस अस्थायी राहत से कंपनियों को सीमित अवसर मिल सकता है, लेकिन अंतिम फैसला सरकारी नीति और वैश्विक हालात पर निर्भर करेगा।
मिडिल ईस्ट तनाव बना वजह, लेकिन आगे क्या होगा?
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे Middle East में बढ़ता तनाव एक बड़ी वजह माना जा रहा है। खासतौर पर Strait of Hormuz में किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अमेरिका ने बाजार को संतुलित रखने के लिए यह अस्थायी कदम उठाया है। हालांकि यह राहत केवल एक महीने के लिए है, जिससे यह साफ है कि भविष्य अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो आगे और फैसले लिए जा सकते हैं। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत और अन्य देश इस मौके का कितना फायदा उठाते हैं।
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