राजधानी नई दिल्ली स्थित सांसद आवास पर रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। अपने हालिया बयानों और संसद प्रदर्शन को लेकर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे पप्पू यादव के सामने अचानक तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि विरोधी पक्ष की ओर से नारेबाजी होने लगी, जिससे समर्थकों और अन्य लोगों के बीच धक्का-मुक्की और कुर्सियां चलने तक का माहौल बन गया। इसी हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच एक युवक ने सांसद पर कथित तौर पर चप्पल फेंक दी, जिससे वहां सनसनी फैल गई।
बुलंदशहर में आरोपियों का स्वागत और सियासत तेज
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद समर्थकों ने मुख्य आरोपियों, जिनकी पहचान हैप्पी शर्मा और सुमित गिरि के रूप में हुई है, को दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया था। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद जब ये आरोपी बुलंदशहर पहुंचे, तो उनका किसी सेलिब्रिटी की तरह भव्य रोड शो निकालकर जोरदार स्वागत किया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। सोशल मीडिया पर स्वागत का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में नई चर्चा छेड़ दी है।
अखिलेश यादव का बीजेपी पर तीखा तंज
आरोपियों के इस तरह खुलेआम स्वागत पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्वागत का वीडियो साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर करारा हमला बोला। अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा, “बीजेपी में अपराधियों की बलिहारी है, दोषियों के स्वागत की परंपरा जारी है।” इस बयान के बाद राज्य में पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और अधिक तेज हो गई है, और हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि इस विवाद के पीछे असली सियासी कनेक्शन क्या हैं।
आगे की राह और सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरी घटना के बाद से जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसे सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की अभद्रता को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक तरफ इस कृत्य की निंदा की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ आरोपियों के समर्थन में इस प्रकार का जश्न मनाना राजनीतिक संस्कृति पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस पूरे सियासी ड्रामे के कारण आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक गर्माहट देखने को मिल सकती है।
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