तेलंगाना के महबूबाबाद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया। आमतौर पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा और एस्कॉर्ट व्यवस्था बड़े नेताओं, मंत्रियों या किसी वीआईपी मूवमेंट के दौरान देखने को मिलती है, लेकिन इस बार पुलिस का पूरा काफिला एक गैस सिलेंडर से भरी लॉरी की सुरक्षा में लगा दिखाई दिया। पेद्दा मुप्पारम गांव के पास जब यह काफिला सड़क से गुजरा तो लोग रुक-रुककर इसे देखने लगे। सिलेंडरों से लदी लॉरी के आगे और पीछे पुलिस की गाड़ियां चल रही थीं, जबकि हथियारबंद जवान पूरे रास्ते निगरानी करते नजर आए। यह दृश्य इलाके में चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इस अनोखी सुरक्षा व्यवस्था के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर एक सामान्य सप्लाई गाड़ी को इतनी कड़ी सुरक्षा क्यों दी गई।
लूट की आशंका ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन को पहले से ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी कि गैस सिलेंडर लेकर जा रही गाड़ियों को बदमाश निशाना बना सकते हैं। बताया जा रहा है कि आसपास के कुछ इलाकों में हाल के दिनों में सिलेंडर चोरी और लूट की घटनाएं सामने आई थीं। घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी और बढ़ती मांग के कारण ब्लैक मार्केट में इनकी कीमत काफी ज्यादा पहुंच गई है। इसी वजह से प्रशासन ने किसी भी संभावित वारदात को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा योजना बनाई। अधिकारियों का मानना था कि अगर रास्ते में सिलेंडरों से भरी गाड़ी पर हमला हुआ तो न केवल सरकारी सप्लाई प्रभावित होगी बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। इसी को देखते हुए पुलिस विभाग ने पूरे ऑपरेशन को गंभीरता से लिया और सिलेंडर लॉरी को सुरक्षित तरीके से तय स्थान तक पहुंचाने का फैसला किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार किसी गैस सप्लाई वाहन को इतनी हाई सिक्योरिटी में चलते देखा।
दो पुलिस जीपों के बीच चला पूरा काफिला
जानकारी के अनुसार, इस विशेष सुरक्षा ऑपरेशन की निगरानी दो सब-इंस्पेक्टरों की देखरेख में की गई। सिलेंडर से भरी लॉरी को दो पुलिस जीपों के बीच रखा गया ताकि किसी भी दिशा से हमला होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। एक पुलिस वाहन आगे रास्ता साफ करता चल रहा था, जबकि दूसरा वाहन पीछे सुरक्षा कवच की तरह मौजूद था। पूरे रास्ते हथियारबंद पुलिसकर्मी अलर्ट मोड में दिखाई दिए। सड़क किनारे खड़े लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो कई जगहों पर भीड़ जमा हो गई। कुछ लोग इसे मजाकिया अंदाज में देख रहे थे, जबकि कई लोगों ने इसे प्रशासन की मजबूरी बताया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि अगर गैस सिलेंडरों की सुरक्षा के लिए पुलिस को इतना बड़ा इंतजाम करना पड़ रहा है, तो हालात सामान्य नहीं माने जा सकते।
सुरक्षा व्यवस्था पर शुरू हुई सियासी बहस
इस घटना के बाद तेलंगाना में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर प्रशासन को गैस सिलेंडर लूटे जाने का डर सता रहा है तो यह कानून-व्यवस्था और सप्लाई सिस्टम दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर स्थिति ठीक नहीं है और इसी वजह से कालाबाजारी बढ़ रही है। दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल एहतियात के तौर पर उठाया गया था ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। हालांकि, इस पूरे मामले ने लोगों के बीच एक नई बहस जरूर छेड़ दी है कि क्या अब रोजमर्रा की जरूरी चीजों की सप्लाई के लिए भी पुलिस सुरक्षा की जरूरत पड़ने लगी है। फिलहाल यह घटना पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इसे हाल के सबसे अनोखे प्रशासनिक कदमों में से एक मान रहे हैं।
