Sara Ali Khan Kedarnath Controversy: बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना ने सारा के मंदिर में पूजा करने पर आपत्ति जताई और इसे इस्लामी शरीयत के खिलाफ बताया। उन्होंने अभिनेत्री को तौबा करने और अल्लाह से माफी मांगने की सलाह भी दी। इस बयान के बाद सवाल उठने लगा है कि क्या अब सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर जाने पर रोक लग सकती है?
मौलाना ने सारा के मंदिर दर्शन पर क्यों जताई आपत्ति?
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का कहना है कि इस्लाम में मुसलमानों को दूसरे धर्मों के धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने की अनुमति नहीं है। इसी धार्मिक व्याख्या के आधार पर उन्होंने सारा अली खान के केदारनाथ में पूजा करने पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, किसी धर्मगुरु की ओर से जारी फतवा अपने आप में सरकारी आदेश या अदालत का फैसला नहीं होता। यह धार्मिक मामलों पर दी गई राय होती है। इसलिए इस बयान से अभिनेत्री के खिलाफ कोई सीधा कानूनी प्रतिबंध लागू नहीं हो जाता।
क्या भारतीय कानून सारा को मंदिर जाने से रोक सकता है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 हर व्यक्ति को अपनी अंतरात्मा के अनुसार धर्म मानने और उसका पालन करने की स्वतंत्रता देता है। हालांकि, यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य जैसी संवैधानिक शर्तों के अधीन है। ऐसे में केवल किसी मौलाना के फतवे के आधार पर सारा अली खान को केदारनाथ जाने से कानूनी रूप से नहीं रोका जा सकता। फतवे और कानून की स्थिति अलग-अलग है। किसी व्यक्ति के धार्मिक अधिकारों पर रोक लगाने के लिए वैध कानूनी आधार जरूरी होता है।
केदारनाथ मंदिर में प्रवेश के नियम क्या कहते हैं?
इस विवाद में मंदिर समिति के नियम भी अहम हैं। मार्च 2026 में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित किया था। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के मुताबिक, सनातन धर्म में आस्था रखने वाले गैर-हिंदू श्रद्धालु शपथपत्र देकर दर्शन कर सकते हैं। हालांकि, उस समय यह प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन बताया गया था। इसलिए मंदिर में प्रवेश का फैसला लागू नियमों के आधार पर होगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि सारा के खिलाफ जारी फतवा अपने आप में उनके केदारनाथ दर्शन पर कानूनी रोक नहीं लगाता।
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