भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिल गया है। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित (Ashutosh Dixit) ने शनिवार को वायुसेना प्रमुख का पदभार संभाल लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह ली है, जो करीब 43 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए। नए वायुसेना प्रमुख के पास लड़ाकू विमानों को उड़ाने का लंबा अनुभव है। वह अब तक 20 से अधिक प्रकार के विमानों पर 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान भर चुके हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना की रणनीतिक तैयारियों और भविष्य की योजनाओं पर खास नजर रहेगी।
एपी सिंह के रिटायरमेंट के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी
पदभार सौंपने से पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को रेस कोर्स वायुसेना स्टेशन पर औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद आशुतोष दीक्षित (Ashutosh Dixit) ने वायुसेना प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। एपी सिंह ने अपने 43 साल के लंबे करियर में भारतीय वायुसेना को सेवाएं दीं। अब उनके उत्तराधिकारी के रूप में दीक्षित देश की वायु सुरक्षा और सैन्य तैयारियों की कमान संभालेंगे।
Air Chief Marshal Ashutosh Dixit took over command of the #IndianAirForce as its 29th Chief from Air Chief Marshal AP Singh on 31 Oct 26.
Air Chief Marshal Dixit was commissioned into the fighter stream of the #IAF on 06 Dec 1986 and served as the #VCAS prior to taking over as #CAS.
#IndianAirForce
@DefenceMinIndia
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@air_veterans— Indian Air Force (@IAF_MCC) October 31, 2026
3500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव
आशुतोष दीक्षित (Ashutosh Dixit) को एक अनुभवी फाइटर पायलट माना जाता है। उनके पास 20 से अधिक तरह के विमानों को उड़ाने का अनुभव है। वह अब तक 3,500 घंटे से ज्यादा समय आसमान में बिता चुके हैं। उनका यह अनुभव वायुसेना के संचालन और रणनीतिक फैसलों में अहम साबित हो सकता है। लड़ाकू विमान उड़ाने के साथ उन्होंने सैन्य व्यवस्था के कई महत्वपूर्ण विभागों में भी काम किया है।
ऑपरेशन सिंदूर में भी निभाई अहम भूमिका
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित (Ashutosh Dixit) रणनीतिक योजना बनाने की क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वायुसेना प्रमुख बनने से पहले वह उप प्रमुख के पद पर कार्यरत थे। अपने चार दशक से अधिक के सैन्य करियर में उन्होंने कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण से जुड़े कई अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाई है।
1986 में वायुसेना में हुए थे शामिल
आशुतोष दीक्षित (Ashutosh Dixit) का जन्म 9 दिसंबर 1966 को हुआ था। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान शाखा में कमीशन प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने लगातार अलग-अलग जिम्मेदारियों के साथ अपने सैन्य करियर को आगे बढ़ाया। अब वायुसेना प्रमुख के रूप में उनके सामने भारतीय वायुसेना की क्षमता को मजबूत बनाए रखने और बदलती सुरक्षा चुनौतियों के मुताबिक तैयारी करने की जिम्मेदारी होगी।
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