जयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां करवा चौथ के पावन पर्व पर आपसी कलह ने एक हंसता-खेलता परिवार तबाह कर दिया। द्वारकापुरी अपार्टमेंट की छठी मंजिल पर रहने वाले 42 वर्षीय प्रदीप ने अपनी 38 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी रेगर की मामूली कहासुनी के बाद लोहे की रॉड से हमला कर बेरहमी से कत्ल कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रख रही थीं, लेकिन इसशीर्षक के विपरीत पति ने ही क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपनी पत्नी की जीवनलीला समाप्त कर दी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और हर कोई स्तब्ध है।
दो दिनों तक लाश के पास बिलखते रहे मासूम बच्चे, किसी को नहीं लगी भनक
सबसे हैरान और झकझोर देने वाली बात यह रही कि हत्या करने के बाद आरोपी पति ने जरा भी मानवता नहीं दिखाई। वह अपनी मृत पत्नी के शव के साथ पूरे दो दिनों तक उसी बंद कमरे में बैठा रहा। कमरे में उनके तीन मासूम बच्चे—तीन साल की बेटी, डेढ़ साल का बेटा और महज ढाई महीने का दूधमुंहा शिशु—भी मौजूद थे। बेसहारा और नासमझ बच्चे अपनी मां के शव के पास बैठकर लगातार रोते-बिलखते रहे, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा। उसने ना तो किसी को घटना की जानकारी दी और ना ही बच्चों के खाने-पीने की सुध ली। दो दिन बीत जाने के बाद जब शव से दुर्गंध आने लगी और स्थिति असहनीय हो गई, तब जाकर आरोपी ने खुद पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर सनसनीखेज जानकारी दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी
शुक्रवार शाम को जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना मिली, प्रताप नगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। अपार्टमेंट के उस कमरे का नजारा देखकर पुलिस अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। पुलिस ने तुरंत फॉरेंसिक (FSL) टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और मृतका लक्ष्मी के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी में भिजवा दिया। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी प्रदीप मौके से फरार होने की कोशिश में पास ही की एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास छिप गया था, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे धर दबोचा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बुधवार को ही विवाद के बाद वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है।
अनाथ हुए बच्चों को मिला अपनों का सहारा, पुलिस ने शुरू की कड़ी कानूनी कार्रवाई
मृतका लक्ष्मी मूल रूप से बूंदी जिले की रहने वाली थी और यह उसकी दूसरी शादी थी। पहली शादी टूटने के बाद उसने अजमेर निवासी पेंटर प्रदीप के साथ जीवन की नई शुरुआत की थी, जहां दोनों मिलकर मजदूरी और बेलदारी का काम करते थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद मासूम बच्चों के सिर से माता-साया उठ चुका है और वे पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए मृतका के परिजनों को जयपुर बुलवा लिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चों की कस्टडी उन्हें सौंप दी है ताकि उनका सही पालन-पोषण हो सके। एसीपी सांगानेर दीपक कुमार खंडेलवाल के अनुसार, मामले में तमाम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आरोपी के खिलाफ अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
