Lok Sabha Discussion: लोकसभा में सोमवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर चर्चा हुई, जिसमें बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर सीधे शब्दों में सवाल उठाए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए दावा किया कि हमलावरों ने श्रद्धालुओं की पैंट उतरवाकर उनका धर्म देखा और फिर गोली मार दी। ठाकुर ने कहा, “भारत ने हमेशा शांति की बात की है, लेकिन जब इस तरह की दरिंदगी होती है, तो विपक्ष क्यों खामोश रहता है?” इस दौरान सदन में सन्नाटा पसर गया और सत्तापक्ष के सांसदों ने मेजें थपथपा कर समर्थन जताया।
“इतना बोलने में विपक्ष का क्या जा रहा था?”
ठाकुर ने कहा कि विपक्ष के किसी भी सांसद ने उस नृशंस हमले की धार्मिक प्रकृति पर खुलकर बात नहीं की। “जो पहलगाम में हुआ, वो आतंकी हमला सिर्फ एक अपराध नहीं था, वह एक सुनियोजित धार्मिक नरसंहार था। आतंकियों ने चुने हुए लोगों को इसलिए मारा क्योंकि वे सनातनी थे। क्या ये तथ्य विपक्ष को नहीं दिखा?” ठाकुर के इस बयान के बाद विपक्षी बेंचों पर हलचल शुरू हो गई, लेकिन किसी ने तत्काल जवाब नहीं दिया। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने विपक्ष की ‘चुनिंदा संवेदना’ पर सवाल उठाया।
“ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, एक संदेश है”
ठाकुर ने कहा कि भारत की सेनाएं केवल गोली नहीं चलातीं, वे जवाब देती हैं—और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उसका सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब देश के श्रद्धालुओं पर गोली चलाई जाती है, तो चुप रहना देश के साथ अन्याय है। “हमारे सैनिक, हमारे पंडित, हमारे तीर्थयात्री अगर निशाना बनाए जाएंगे, तो भारत जवाब देगा, और वो जवाब सिर्फ सीमा पार नहीं, संसद के भीतर भी दिया जाएगा,” ठाकुर ने कहा। उनका यह बयान साफ संकेत था कि सरकार अब आतंक के हर रूप का उसी भाषा में जवाब देने को तैयार है।
