Suvendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ था, लेकिन बुधवार देर रात हुई एक सनसनीखेज हत्या ने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी। भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना उस समय हुई जब रथ कार से अपने घर लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रास्ते में रोका और बेहद करीब से फायरिंग कर दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गुरुवार को शुभेंदु अधिकारी ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे “दिल दहला देने वाली और पूरी तरह से प्री-प्लान्ड हत्या” बताया। उन्होंने दावा किया कि हमलावरों ने कई दिनों तक रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं बंगाल में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में लंबे समय से गुंडागर्दी का माहौल बना हुआ है और भाजपा इसे खत्म करने के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
शुभेंदु ने TMC पर साधा निशाना
चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि डर का माहौल बनाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले कई वर्षों से राजनीतिक हिंसा लगातार बढ़ रही है। शुभेंदु ने कहा कि बंगाल में “महा जंगलराज” जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जहां विरोधी राजनीतिक विचार रखने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के अन्य कार्यकर्ताओं पर भी हमले हुए हैं। उनके अनुसार बशीरहाट में एक भाजपा कार्यकर्ता को गोली मारी गई, जबकि बारानगर में दूसरे कार्यकर्ता पर चाकू से हमला किया गया। अधिकारी ने दावा किया कि इन घटनाओं के पीछे संगठित साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी नेतृत्व को दे दी गई है। भाजपा नेताओं और विधायकों का एक दल भी मृतक के परिवार से मिलने पहुंचा। हालांकि शुभेंदु अधिकारी ने समर्थकों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील भी की। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच एजेंसियां जल्द दोषियों तक पहुंचेंगी।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस जांच में कई अहम तथ्य सामने आ रहे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हमले में चार से पांच बाइक का इस्तेमाल किया गया था। भाजपा नेताओं का आरोप है कि हमलावर सीधे चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाकर आए थे। कार में ड्राइवर भी मौजूद था, लेकिन गोली सिर्फ रथ को मारी गई। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि हमला पूरी योजना के तहत किया गया था। पुलिस को घटनास्थल के आसपास से कुछ खाली खोखे और जिंदा कारतूस मिले हैं। साथ ही एक संदिग्ध गाड़ी को भी जब्त किया गया है, जिसकी नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ की गई थी। अधिकारियों को शक है कि हमलावरों ने पहचान छिपाने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया। अब पुलिस इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों के आने-जाने का रास्ता पता लगाया जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या चंद्रनाथ रथ की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के जरिए जल्द महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
हत्या पर TMC की भी प्रतिक्रिया
इस हाईप्रोफाइल हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां भाजपा इसे राजनीतिक हिंसा से जोड़ रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने भी घटना की निंदा की है। टीएमसी ने बयान जारी कर कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग भी उठाई है। तृणमूल का कहना है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में उसके कार्यकर्ता भी मारे गए हैं, इसलिए किसी भी घटना को एकतरफा राजनीतिक रंग देना सही नहीं होगा। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल पुलिस ने दावा किया है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है। डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने कहा कि अपराध में इस्तेमाल वाहन को जब्त कर लिया गया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और राजनीतिक माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे कौन लोग हैं और इस हमले का असली मकसद क्या था।
