बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में नाग पंचमी के मौके पर बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। हादसे में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
करंट लगने की अफवाह से बिगड़ा माहौल
बताया जा रहा है कि नाग पंचमी के अवसर पर अशोकधाम मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। इसी बीच मंदिर परिसर में करंट लगने की अफवाह फैल गई। अफवाह सुनते ही श्रद्धालुओं के बीच डर और घबराहट फैल गई। लोग सुरक्षित जगह की ओर जाने के लिए तेजी से आगे बढ़ने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ गया और भगदड़ मच गई। भगदड़ की चपेट में कई लोग आ गए। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई। वहीं कई अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भी काफी दहशत देखने को मिली।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, घायलों को अस्पताल भेजा
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव का काम शुरू कराया गया। घायल श्रद्धालुओं को एंबुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति को संभालने और मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। अधिकारियों ने घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में करंट लगने की अफवाह को भगदड़ की बड़ी वजह बताया जा रहा है, हालांकि पूरे घटनाक्रम की तस्वीर जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
अशोकधाम मंदिर में नाग पंचमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद थी। ऐसे में हादसे के बाद मंदिर की भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इतनी बड़ी भीड़ के बीच अफवाह फैलने के बाद स्थिति को संभालने के लिए क्या इंतजाम थे और भगदड़ को रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी है। प्रशासन अब घटना के कारणों और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहा है। हादसे ने सात परिवारों को गहरा दुख दिया है, वहीं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद की जा रही है।
