पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार, 9 मई 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और इसी के साथ बंगाल में एक नए युग की शुरुआत हो गई। लेकिन शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद मुख्यमंत्री ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। शुभेंदु अधिकारी ने अपनी नई सरकार को मजबूती देने और नीतियों को जमीन पर उतारने के लिए पूर्व अनुभवी आईएएस अधिकारी डॉ. सुब्रत गुप्ता को अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है। राज्यपाल आर. एन. रवि की मंजूरी के बाद कार्मिक विभाग ने इस नियुक्ति पर मुहर लगा दी है।
कौन हैं डॉ. सुब्रत गुप्ता, जिन्हें मुख्यमंत्री ने चुना अपना ‘सारथी’?
डॉ. सुब्रत गुप्ता केवल एक सेवानिवृत्त नौकरशाह नहीं हैं, बल्कि उन्हें पश्चिम बंगाल के शासन और प्रशासन की रग-रग का अंदाजा है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में अपने लंबे और शानदार कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा संभाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी ने सुब्रत गुप्ता को चुनकर यह साफ संदेश दे दिया है कि उनकी सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ और कुशल गवर्नेंस के सिद्धांत पर काम करेगी। सुब्रत गुप्ता का गहरा अनुभव नई सरकार को जटिल नीतिगत मामलों को सुलझाने और सरकारी योजनाओं को बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में मदद करेगा। उनकी नियुक्ति को शुभेंदु सरकार के “थिंक टैंक” के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव आयोग के वो ‘स्पेशल ऑफिसर’, जिन्होंने बदल दी बंगाल की फिजा
डॉ. सुब्रत गुप्ता की चर्चा केवल उनके प्रशासनिक करियर के लिए नहीं होती, बल्कि 2026 के विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका सबसे निर्णायक रही है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने उन्हें नवंबर 2025 में पश्चिम बंगाल का ‘स्पेशल रोल ऑब्जर्वर’ नियुक्त किया था। उस दौरान उन पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की जिम्मेदारी थी। उन्होंने बंगाल में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए फर्जी नामों को हटाने और मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने में जो सख्ती दिखाई, उसी का नतीजा था कि 2026 का चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सका। चुनाव के दौरान उनकी कार्यशैली ने उन्हें जनता और विपक्ष दोनों के बीच एक विश्वसनीय चेहरा बना दिया था।
प्रशासनिक सर्जरी की शुरुआत: क्या है शुभेंदु अधिकारी का भविष्य का प्लान?
डॉ. सुब्रत गुप्ता की नियुक्ति महज एक शुरुआत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शुभेंदु अधिकारी बंगाल के सुस्त पड़ चुके प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह से दुरुस्त करना चाहते हैं। एक तरफ जहाँ मुख्यमंत्री के पास राजनीतिक विजन है, वहीं दूसरी तरफ डॉ. सुब्रत गुप्ता के पास उसे अमली जामा पहनाने का प्रशासनिक कौशल। यह जोड़ी बंगाल के विकास मॉडल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। आने वाले दिनों में बंगाल के सचिवालय ‘नबन्ना’ में कई और बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं, जिसका केंद्र बिंदु सुब्रत गुप्ता का अनुभव और शुभेंदु अधिकारी का कड़ा शासन होगा।
Read more-दिल्ली में बड़े धमाके की साजिश? BJP मुख्यालय पर आतंकी साये के बाद डीडीयू मार्ग बना ‘नो एंट्री ज़ोन’
