राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग (EC) के दफ्तर के बाहर मंगलवार की शाम को उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब कांग्रेस के दिग्गज नेता जयराम रमेश और सुरक्षाकर्मियों के बीच जबरदस्त बहस हो गई। माहौल इस कदर गरमा गया कि निर्वाचन सदन के गेट पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। दरअसल, मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसी सिलसिले में जब कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा, तो मुख्य द्वार पर ही एक ऐसी घटना घट गई जिसने सियासी पारे को और ज्यादा बढ़ा दिया।
एंट्री पर विवाद: जब गेट पर ही रोक दिए गए दिग्गज नेता
मामले की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस के कम्युनिकेशन इंचार्ज जयराम रमेश शाम के वक्त निर्वाचन सदन के दफ्तर पहुंचे। अंदर जाने की कोशिश कर रहे जयराम रमेश को वहां तैनात सुरक्षा जवानों ने गेट पर ही रोक दिया। सुरक्षाकर्मियों का कहना था कि नेता जी के पास बैठक से जुड़ी कोई आधिकारिक सूचना या अंदर जाने का अनुमति संदेश (एंट्री पास) नहीं है। बस इसी बात को लेकर गेट पर ही कांग्रेस नेता और जवानों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई और काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
’35 साल में पहली बार’… जयराम रमेश का फूटा गुस्सा
इस पूरे वाकये से बेहद नाराज नजर आए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सुरक्षा व्यवस्था और आयोग के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं पिछले 35 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में हूँ, लोकसभा का सदस्य रह चुका हूँ, लेकिन अपनी जिंदगी में आज तक ऐसा हाल कभी नहीं देखा।” जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर 10 मिनट से अधिक समय तक बाहर इंतजार करवाया गया। उन्होंने हैरान होते हुए पूछा कि जब वे सिर्फ अपनी बात और याचिका (पेटिशन) रखने आए हैं, तो उन्हें वेटिंग रूम तक में जाने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही है?
कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा, आयोग से आर-पार की जंग
मीनाक्षी नटराजन को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस इस मूड में नहीं है कि वह इस मामले को आसानी से छोड़ दे। केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शाम साढ़े सात बजे चुनाव आयोग से मिलने का समय मांगा था। जयराम रमेश के साथ हुए इस विवाद के बाद दफ्तर के बाहर कांग्रेस नेताओं का जमावड़ा लग गया। इस विरोध प्रदर्शन में केसी वेणुगोपाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत कई बड़े चेहरे शामिल रहे। कांग्रेस अब इस मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर चुकी है।
READ MORE-मिशन यूपी चुनाव: CM योगी का अल्टीमेटम,लैंड जिहाद और लव जिहाद पर चलेगा ‘कानून का बुलडोजर’
