ग्वालियर के अलकापुरी में रहने वाली विजया शर्मा पिछले दो महीनों से अपने लड्डू गोपाल की मूर्ति की तलाश में भटक रही हैं। यह मूर्ति उनके लिए सिर्फ धार्मिक प्रतीक नहीं है, बल्कि उनकी मां की यादों से जुड़ी अनमोल धरोहर है। करीब 30 साल पहले उनकी मां ने यह मूर्ति उन्हें दी थी और पांच साल पहले मां के निधन के बाद यह उनकी सबसे खास निशानी बन गई। लड्डू गोपाल के बिना उनका घर और जीवन अधूरा सा लगता है, इसलिए उन्होंने इस खोज को अपनी प्राथमिकता बना लिया है।
बाजार में गुम हुई मूर्ति
विजया शर्मा ने बताया कि मूर्ति दो महीने पहले बाजार ले जाते समय गुम हो गई थी। वे अपनी बहन के साथ खरीदारी के लिए गई थीं और मूर्ति भी साथ थी। वहीं, उन्होंने कहा कि मूर्ति कहीं गिर गई या किसी ने उठा ली, यह उन्हें स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कई दिनों तक बाजार और आसपास के क्षेत्रों में खुद तलाश की, लेकिन मूर्ति नहीं मिली। उनकी खोज अब पुलिस तक पहुंची, और वे इसे ढूंढने में मदद की गुहार कर रही हैं।
इनाम की घोषणा और पुलिस की मदद
विजया शर्मा ने मूर्ति खोजने के लिए इनाम की घोषणा भी की, हालांकि राशि का खुलासा नहीं किया गया। महिला ने पुलिस को शिकायत दर्ज करने से इनकार किया क्योंकि उनका कहना है कि यदि एफआईआर दर्ज कराई गई, तो कानूनी प्रक्रिया में भगवान को थाने या कोर्ट में पेश होना पड़ता। उनकी भावना साफ है कि यह व्यक्तिगत और भावनात्मक मामला है, और उन्हें केवल अपने लड्डू गोपाल की सुरक्षित वापसी चाहिए।
पुलिस की सक्रियता और खोज जारी
सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि इस तरह के मामलों का खुलासा करना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन उनकी टीम आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही मूर्ति वापस मिल सकती है। स्थानीय लोगों से भी मदद मांगी गई है, ताकि विजया शर्मा को उनकी मां की दी हुई यादों से जुड़ी इस अनमोल धरोहर लौटाई जा सके।
