CJP Protest: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास (Sourav Das) की रिहाई के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बाहर आते ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। सौरव दास के बयान से साफ है कि पार्टी अपने आंदोलन को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे इस विरोध प्रदर्शन ने अब नया मोड़ ले लिया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या CJP दोबारा सड़कों पर उतरकर अपना आंदोलन तेज करेगी?
रिहाई के बाद सौरव दास का सरकार पर तीखा हमला
सौरव दास (Sourav Das) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा सख्ती बरती गई। उन्होंने दावा किया कि राजधानी में नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की कोशिश हुई है। अपनी पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। दास ने कहा कि युवा पीढ़ी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी और दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाएगी। हालांकि, पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए गए ये आरोप CJP का पक्ष हैं।
After Modi-Shah turned Delhi into a fortress and unleashed what can only be described as a war against their own citizens, one thing has become abundantly clear: Gyanesh Kumar is at the very heart of this government’s survival.
The unprecedented use of force, intimidation and threats against citizens simply exercising their democratic rights has exposed the government completely.
But we the young generation will continue to demand accountability. We shall neither be intimidated nor silenced.
We are not backing down. We are returning with full strength!
#GyanuItsDoneBro
@Cockroachisback
— Saurav Das (@SauravDassss) October 11, 2026
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का दावा
CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है। संगठन ने शनिवार को साफ किया था कि मांग पूरी होने तक विरोध जारी रखने का उसका इरादा है। पार्टी की ओर से रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन करने की घोषणा भी की गई थी। इस बीच, दिल्ली यातायात पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में संभावित प्रतिबंधों को लेकर लोगों को सतर्क किया। प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं के मुद्दे ने विवाद को और बढ़ा दिया है। CJP का कहना है कि कार्रवाई के बावजूद वह अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटेगी।
क्या फिर दिल्ली की सड़कों पर उतरेगी CJP?
रिहाई के बाद सौरव दास (Sourav Das)के बयान और पार्टी के पहले के ऐलान से संकेत मिलता है कि CJP आंदोलन जारी रखने के पक्ष में है। राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने भी हिरासत की कार्रवाई के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि संगठन पीछे हटने वाला नहीं है। हालांकि, आगे होने वाले प्रदर्शन का स्थान, समय और कार्यक्रम आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट होगा। इस पूरे विवाद के केंद्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार, पुलिस की कार्रवाई और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवाल हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि CJP अपनी अगली रणनीति कब घोषित करती है और प्रशासन प्रदर्शन को लेकर क्या कदम उठाता है।
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