Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) इन दिनों अपनी दादी के निधन को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के कारण वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। इस घटना से उनका परिवार काफी दुखी है। रविवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उनकी मां अनीता दीपके ने अपना दर्द जाहिर किया। उन्होंने कहा कि अगर उनके बेटे को शनिवार को ही रिहा कर दिया जाता, तो वह अगले दिन अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता था। अब परिवार को इस बात का दुख है कि अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) अपनी दादी का चेहरा आखिरी बार भी नहीं देख पाएंगे। अनीता दीपके की बातों से साफ था कि उन्हें बेटे के अपनी दादी से आखिरी मुलाकात नहीं कर पाने का गहरा अफसोस है। परिवार के लिए यह समय पहले से ही मुश्किल था, लेकिन हिरासत के कारण पैदा हुई परिस्थितियों ने उनकी तकलीफ और बढ़ा दी।
मां ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
अनीता दीपके ने अपने बेटे को हिरासत में लिए जाने और अंतिम संस्कार में शामिल होने का मौका नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल किया कि आखिर अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ने ऐसा कौन-सा अपराध किया था, जिसके कारण उन्हें अपनी दादी के अंतिम संस्कार में जाने की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि उनका बेटा न तो आतंकवादी है और न ही देशद्रोही, फिर उसके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया? अनीता ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन उन्हें कुछ समय पहले रिहा कर देता, तो वह अपने परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में मौजूद रह सकते थे। अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) की दादी पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। 10 अक्टूबर को हिंगोली जिले के उनके पैतृक गांव संटुक पिंपरी में उनका निधन हो गया। दादी की मौत के समय अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे हुए थे। ऐसे में परिवार में शोक के बीच उनकी गैरमौजूदगी का मुद्दा अब चर्चा का विषय बन गया है।
Heading back to my village to be with my family during this moment of grief.
Saurav and Ashu will address a press conference shortly in Delhi.
The CJP will neither back down nor be intimidated.
October 10 will go down as the beginning of the end of this dictatorship.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 11, 2026
दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत, रविवार को मिली रिहाई; पुलिस ने बताई वजह
अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया था। उनके साथ सौरभ दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों को शनिवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/170 के तहत एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अपने बयान में कहा कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और रविवार को तीनों को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। इसके बाद एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्त पर 50 हजार रुपये का जमानत बॉन्ड भरने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। हालांकि, रिहाई के बाद भी अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) के परिवार का दर्द कम नहीं हुआ, क्योंकि वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने का मौका गंवा चुके थे। अब इस पूरे मामले में उनकी मां की नाराजगी और हिरासत के समय को लेकर उठ रहे सवाल चर्चा में हैं।
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