कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक टिप्पणी को लेकर देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके समर्थक दल इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रहे हैं। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की वरिष्ठ नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने किसी एक दल को निशाना बनाने के बजाय सभी राजनीतिक नेताओं से अपील की कि वे सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय अपनी भाषा का ध्यान रखें। उनके मुताबिक, नेताओं की बयानबाजी का स्तर गिरना लोकतांत्रिक राजनीति के लिए अच्छी बात नहीं है।
‘मां-बाप और बच्चों को राजनीति में लाना गलत’
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि राजनीतिक बहस में परिवार के सदस्यों को घसीटना उचित नहीं है। माता-पिता, भाई-बहन और बच्चों का राजनीतिक विवादों से कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए। उन्होंने सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों से उम्मीद जताई कि वे मर्यादा में रहकर अपनी बात कहेंगे। उनकी सलाह ऐसे समय आई है, जब खरगे की टिप्पणी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
महंगाई, भ्रष्टाचार और युवाओं के मुद्दों पर ध्यान देने की अपील
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के बीच देश की वास्तविक समस्याएं पीछे छूट रही हैं। उन्होंने महंगाई, भ्रष्टाचार, वोट चोरी के आरोपों और युवाओं की परेशानियों को अहम मुद्दे बताया। उनका मानना है कि नेताओं को इन सवालों पर चर्चा करनी चाहिए, ताकि जनता से जुड़े विषयों पर ठोस बहस हो सके। उन्होंने संकेत दिया कि विवादित बयान अक्सर लोगों का ध्यान जरूरी मुद्दों से हटा देते हैं। इसलिए राजनीतिक दलों को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जनता की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
पटना के कार्यक्रम में खरगे ने क्या कहा था?
यह विवाद 25 अक्टूबर को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ, जो बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर हुआ था। कार्यक्रम में खरगे ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। इसी दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर नारा लगाया। इसके जवाब में खरगे की कथित टिप्पणी सामने आई, जिसके बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया। अब प्रियंका चतुर्वेदी की नसीहत ने बहस को नेताओं की भाषा और जनता से जुड़े मुद्दों की ओर मोड़ दिया है।
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