उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में दो मियां हैं, एक छोटे मियां और दूसरे बड़े मियां, जिन्हें घुसपैठियों से बहुत प्यार है। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाने के साथ ही विपक्ष पर दलितों, गरीबों, किसानों और युवाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा सकता है। कार्यक्रम में सीएम योगी ने विकास परियोजनाओं, धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और प्रदेश में अपनी सरकार के कामकाज का भी जिक्र किया।
‘छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से प्यार’, विपक्ष पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के बिठूर में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विपक्षी दलों को निशाने पर लिया। वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने नाना राव पेशवा पार्क में करीब 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में प्रदेश की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। योगी ने छोटे मियां और बड़े मियां का जिक्र करते हुए घुसपैठियों के प्रति विपक्ष के कथित रवैये पर सवाल उठाए। हालांकि, उन्होंने इस टिप्पणी में राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया।
अयोध्या और काशी के विकास का जिक्र कर विपक्ष को घेरा
सीएम योगी ने अपने भाषण में अयोध्या और काशी में हुए बदलावों को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि पहले अयोध्या में बुनियादी सुविधाओं और विकास की कमी थी, लेकिन अब वहां बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ी हैं। उन्होंने अयोध्या, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज और बिठूर जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थानों को विकसित करने की योजनाओं का भी जिक्र किया। साथ ही, महर्षि वाल्मीकि, बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और संत रविदास से जुड़े स्थलों के सौंदर्यीकरण तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात कही।
सपा के पुराने शासनकाल पर उठाए सवाल, दंगों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस समय किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था, युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं थे और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते थे। अपने संबोधन में उन्होंने कोसी कलां, जवाहर बाग और मुजफ्फरनगर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधा। योगी ने आरोप लगाया कि उस दौर में अपराधियों और अराजक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती थी। उन्होंने अखिलेश यादव पर राजनीतिक विरासत के सहारे सत्ता में आने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल विरासत के आधार पर बार-बार जनता का समर्थन हासिल नहीं किया जा सकता। ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक भाषण का हिस्सा थे।
वाल्मीकि जयंती पर विकास का संदेश, विपक्ष के लिए क्या है राजनीतिक संकेत?
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने धार्मिक और सामाजिक स्थलों के विकास को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महापुरुषों से जुड़े स्थानों पर सुरक्षा, छत और सौंदर्यीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के साथ उन्होंने विपक्षी दलों की नीतियों और उनके पुराने कार्यकाल पर सवाल उठाए। उनके भाषण का बड़ा हिस्सा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति की आलोचना पर केंद्रित रहा। अब इस बयान पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और आने वाले दिनों में होने वाली राजनीतिक बयानबाजी पर नजर रहेगी। खासकर घुसपैठियों के मुद्दे पर योगी के इस हमले को प्रदेश की राजनीति में एक अहम सियासी संदेश के तौर पर देखा जा सकता है।
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