बिहार के भोजपुर जिले में हाल ही में हुए एक एनकाउंटर ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अमूमन अपराधी पुलिस के खौफ से भागते फिरते हैं, लेकिन यहाँ कहानी पूरी तरह उलट चुकी है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बीते 17 जून को हुए भरत तिवारी कथित मुठभेड़ के बाद से ही जिला पुलिस के अधिकारियों और जवानों के फोन लगातार बज रहे हैं। ये फोन कोई बधाई देने के लिए नहीं, बल्कि सीधे तौर पर धमकी देने के लिए किए जा रहे हैं। आलम यह है कि पुलिसकर्मियों के मोबाइल स्क्रीन पर अनजान नंबरों को देखकर अब उनके माथे पर पसीना आने लगा है।
पड़ोसी राज्य से आ रहे हैं ‘खतरनाक फरमान’, दफ्तरों में मचा हड़कंप
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस को मिल रही धमकियों के तार पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश (यूपी) से जुड़े हुए हैं। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन-चार दिनों से रोजाना 400 से अधिक कॉल और आपत्तिजनक मैसेज आ रहे हैं। ये कॉल्स सिर्फ किसी एक पुलिसकर्मी को नहीं, बल्कि शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष से लेकर मुठभेड़ की कार्रवाई में शामिल रहे तमाम जवानों, डीएसपी कार्यालयों और जिले के वरीय अधिकारियों के सीयूजी (CUG) नंबरों पर आ रहे हैं। यूपी के अलग-अलग जिलों से आ रहे इन फोन कॉल्स ने पुलिस के आला अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है।
गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल, बैकफुट पर आई पुलिस!
फोन करने वाले लोग न सिर्फ पुलिस को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं, बल्कि उनके खिलाफ बेहद अभद्र और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। मैसेज बॉक्स में लगातार आ रहे आपत्तिजनक संदेशों ने पुलिस महकमे में मानसिक तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। सूत्रों की मानें तो एनकाउंटर को ‘फर्जी’ बताते हुए कार्रवाई में शामिल पुलिसवालों को निशाना बनाने की बात कही जा रही है। इस अप्रत्याशित संकट के बाद जिला पुलिस के भीतर सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और अधिकारी अब इस बात की रणनीति बना रहे हैं कि इस डिजिटल हमले से कैसे निपटा जाए।
जांच में जुटी साइबर सेल, क्या बड़े नेटवर्क का है हाथ?
लगातार मिल रही इन धमकियों को भोजपुर पुलिस हल्के में नहीं ले रही है। इतनी बड़ी संख्या में यूपी से आ रहे कॉल्स के पीछे किसी संगठित गिरोह या बड़े नेटवर्क के होने की आशंका जताई जा रही है। जिला पुलिस की साइबर सेल टीम ने इन सभी नंबरों को सर्विलांस पर ले लिया है। पुलिस अब उन सभी लोकेशंस को ट्रेस करने में जुटी है, जहाँ से ये कॉल और मैसेज जनरेट हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले और पुलिस का मनोबल गिराने की कोशिश करने वाले इन उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इस मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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