PM Modi on GDP: भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.8 फीसदी रहने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि दुनिया इस समय कई तरह की चुनौतियों से जूझ रही है। कई हिस्सों में युद्ध की स्थिति है, ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव है और कोरोना महामारी के बाद भी दुनिया पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं लौट पाई है। इसके बावजूद भारत अपनी आर्थिक रफ्तार बनाए हुए है। प्रधानमंत्री ने इस प्रदर्शन को देश के लोगों की मेहनत और सामूहिक शक्ति से जोड़ते हुए कहा कि भारत को आगे भी इसी गति से बढ़ने की जरूरत है। इसी संदेश के दौरान उन्होंने लोगों से ऐसी आदतें अपनाने की अपील की, जिससे देश के भीतर पैसा और कारोबार बढ़े। पीएम मोदी ने खास तौर पर गैर-जरूरी सोने की खरीदारी और विदेश में होने वाले खर्च को लेकर अपनी बात रखी।
पीएम मोदी बोले- जरूरत न हो तो सोना खरीदने से बचें
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि जब तक बहुत जरूरी न हो, तब तक सोना खरीदने से बचना चाहिए। उनके इस सुझाव के पीछे देश की अर्थव्यवस्था में घरेलू संसाधनों और खर्च की भूमिका पर जोर देना है। सोने की खरीद में बड़ी रकम खर्च होती है और इसका एक हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है। ऐसे में अनावश्यक सोने की खरीद को कम करने से विदेशी मुद्रा पर दबाव घटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, प्रधानमंत्री की अपील का मतलब यह नहीं है कि लोगों को किसी जरूरी व्यक्तिगत या पारिवारिक जरूरत के लिए सोना खरीदना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। उन्होंने इसे आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में लोगों की भागीदारी से जोड़कर रखा। पीएम मोदी ने कहा कि देश की आर्थिक ताकत सिर्फ सरकारी नीतियों से नहीं बढ़ती, बल्कि नागरिकों की खरीदारी और खर्च से भी इसका असर पड़ता है।
विदेश ना घूमने और भारत में खर्च करने की अपील
पीएम मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी विदेश यात्राओं और विदेश में शादी जैसे बड़े आयोजनों से बचने की भी अपील की। उन्होंने ‘वेडिंग इन इंडिया’ को बढ़ावा देने की बात कही। इसके पीछे तर्क यह है कि अगर बड़े शादी समारोह देश में ही आयोजित होते हैं तो इसका फायदा कई अलग-अलग क्षेत्रों को मिल सकता है। होटल, कैटरिंग, ट्रांसपोर्ट, कपड़ा, सजावट, पर्यटन, आभूषण और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कारोबारों में पैसा घूमता है। इससे छोटे कारोबारियों, कारीगरों और स्थानीय कामगारों को भी काम मिल सकता है। इसी तरह घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलने से देश के अलग-अलग शहरों और पर्यटन स्थलों की अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है। प्रधानमंत्री ने लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को अपनाने और देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उनका संदेश था कि खर्च करते समय यह भी देखा जाए कि उससे देश की अर्थव्यवस्था को कितना फायदा पहुंच रहा है।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि देश को आजादी के 100 साल पूरे होने तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अभी से लगातार मेहनत करनी होगी। पीएम मोदी ने देश की युवा पीढ़ी के सपनों और भविष्य को इस लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि आज की मेहनत आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकती है। उन्होंने देशवासियों से विकास की मौजूदा रफ्तार को बनाए रखने और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में योगदान देने की अपील की। प्रधानमंत्री के मुताबिक, सरकार की नीतियों के साथ अगर देश के 140 करोड़ लोग भी अपनी रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों में स्थानीय उत्पादों, घरेलू पर्यटन और देश के भीतर होने वाले आयोजनों को प्राथमिकता देते हैं तो इसका व्यापक असर पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से सिर्फ लक्ष्य तय करने के बजाय उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहने का आह्वान किया।
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