मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में मोहर्रम के जुलूस के दौरान मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। धार्मिक परंपरा के तहत निकाले जा रहे ताजिया जुलूस में अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई जब ताजिया का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाई टेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। संपर्क होते ही पूरे ताजिया में तेज करंट फैल गया और उसे उठा रहे लोग इसकी चपेट में आ गए। कुछ ही सेकंड में जुलूस की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
करंट की चपेट में 12 लोग, 3 की मौत
हादसे में ताजिया उठा रहे करीब 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन की जानकारी के अनुसार इनमें से तीन लोगों की मौके पर ही या इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों की पहचान रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में हुई है। वहीं 9 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ घायलों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और हालात को नियंत्रण में लिया। एडिशनल एसपी विवेक कुमार लाल ने बताया कि सभी घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बिजली लाइन की स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को भी एहतियातन खाली कराया और जुलूस को तुरंत रोक दिया गया।
ग्रामीणों का आरोप और लापरवाही का सवाल
स्थानीय लोगों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीचों-बीच गुजर रही 11 केवी लाइन काफी नीचे लटक रही है, जिससे भारी वाहन भी आसानी से नहीं गुजर सकते। आरोप है कि हर साल मोहर्रम जुलूस के दौरान लाइन को अस्थायी रूप से बंद किया जाता है, लेकिन इस बार लाइन चालू रही। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि लाइनमैन मौके पर मौजूद था, लेकिन समय पर बिजली सप्लाई बंद नहीं की गई, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। लोगों ने मांग की है कि इस खतरनाक लाइन को गांव से हटाकर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
