PM Modi-Putin Meeting: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है। पुतिन के पहुंचने पर पीएम मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से मुलाकात की। पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को एक पुस्तक भी भेंट की। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब भारत और रूस के बीच रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है।
100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर हो सकती है चर्चा
बैठक में भारत और रूस के आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने पर खास जोर रहने की संभावना है। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर आगे बढ़ने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं। इसके अलावा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, रेल परियोजनाओं और सुरंग निर्माण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर भी बातचीत संभव है। रूस में भारतीय कुशल श्रमिकों के लिए अवसर बढ़ाने का मुद्दा भी बैठक में उठ सकता है। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत आर्थिक मोर्चे पर कई नए रास्ते खोल सकती है।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi and Russian President Vladimir Putin hold a bilateral meeting on the sidelines of BRICS Summit 2026.
(Video Source: DD News) pic.twitter.com/KhlCIatMI2
— ANI (@ANI) September 11, 2026
रक्षा और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर भी नजर
मोदी-पुतिन वार्ता में रक्षा सहयोग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रह सकता है। भारत और रूस लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में साझेदार रहे हैं और दोनों देशों के बीच हथियारों तथा सैन्य तकनीक को लेकर सहयोग जारी है। बैठक के दौरान लड़ाकू विमान और अन्य रक्षा उपकरणों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी दोनों नेता विचार कर सकते हैं। हालांकि किसी भी संभावित समझौते की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही उसकी पुष्टि होगी।
यूक्रेन युद्ध पर भी बनी हुई है दुनिया की नजर
मोदी-पुतिन की यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध अभी भी वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इससे पहले बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी। उस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध को समाप्त करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया था। अब दिल्ली में होने वाली बैठक में दोनों देशों के संबंधों के साथ वैश्विक हालात पर भी चर्चा हो सकती है। ब्रिक्स सम्मेलन के बीच इस मुलाकात पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
