जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती जल्द ही ईरान के दौरे पर जाने वाली हैं। ईरान सरकार ने अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एक विशेष और आधिकारिक निमंत्रण भेजा है। इस न्योते को स्वीकार करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ईरान से ऐसा निमंत्रण मिलना उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक अभूतपूर्व और कभी न भूलने वाला अवसर बताया है। महबूबा मुफ्ती ने पहले भी अयातुल्ला खामेनेई की मौत पर खुलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की थीं, और अब वह उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने खुद तेहरान जा रही हैं।
ईरान ने भारत और महबूबा मुफ्ती को क्यों चुना खास?
ईरान के सुप्रीम लीडर के कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों के निदेशक मोहसिन कुम्मी ने महबूबा मुफ्ती को यह पत्र भेजा है। इस पत्र में भारत और ईरान के पुराने ऐतिहासिक और रणनीतिक रिश्तों का जिक्र किया गया है। ईरान का मानना है कि इस दुखद घड़ी में महबूबा मुफ्ती जैसी कद्दावर नेता की मौजूदगी दोनों देशों की प्राचीन सभ्यताओं के बीच के गहरे जुड़ाव और आपसी सम्मान को और मजबूत करेगी। इसी वजह से उन्हें भारत से एक विशेष अतिथि के रूप में इस बेहद गंभीर और ऐतिहासिक मौके पर आमंत्रित किया गया है।
4 महीने बाद क्यों हो रहा है अंतिम संस्कार ?
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत करीब चार महीने पहले अमेरिका और इजराइल के एक हमले में हुई थी। इसके बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में भारी सैन्य तनाव फैल गया था। युद्ध की स्थिति और लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार अमेरिका के साथ एक समझौता हुआ, जिसके बाद वहां युद्धविराम लागू हो सका। इसी तनाव और जंग की वजह से अंतिम संस्कार में इतनी देरी हुई। अब तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाला कॉम्प्लेक्स में 3 से 6 जुलाई तक राजकीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को पवित्र शहरों में जुलूस के रूप में ले जाया जाएगा और अंत में 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में दफनाया जाएगा।
भारत सरकार की तरफ से कौन जा रहा है ईरान?
इस ऐतिहासिक और राजकीय अंतिम संस्कार के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया था। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी अपने पहले से तय और बेहद व्यस्त कार्यक्रमों के कारण इस दौरे पर नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की महत्वपूर्ण विदेश यात्राओं पर रवाना होना है। उनकी जगह भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा 3 जुलाई को तेहरान पहुंच रहे हैं।
